महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार के नौजवानों को मिलेगा रोजगार : तेजस्वी

महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार के नौजवानों को  मिलेगा रोजगार : तेजस्वी

भागलपुर। भागलपुर जिले के सनोखर में कहलगांव क्षेत्र से महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी शुभानंद मुकेश के पक्ष में शुक्रवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं ठेठ बिहारी हूं। यहां हम झूठ बोलने नहीं आये हैं। तेजस्वी ने कहा कि आपलोगों का आर्शीवाद चाहिए। यदि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी तो वादे के मुताबिक बिहार के नौजवानों को रोजगार देंगे, नियोजित शिक्षकों की मांग को मानेंगे। वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर एक हजार रुपये करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा डीएनए शुद्ध है। इसलिए जो भी वादा करेंगे उसको अवश्य पूरा करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता मोह अभी भी खत्म नहीं हुआ है और इसलिए वे और पांच साल का समय मांग रहे हैं। उन्हें अब सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए।

तेजस्वी ने कहा कि बिहार में भाजपा-जदयू की डबल इंजन की सरकार के बावजूद कलकारखाने नहीं लगने और बेरोजगारी की समस्या पर मुख्यमंत्री कहते हैं कि अब वह दोनों काम नहीं हो सकता है। इससे जाहिर होता है कि इन्होंने अपने हाथ खड़े कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के बाद भी प्रदेश में एक भी कलकारखाने स्थापित नहीं होने और युवाओं को नौकरी नहीं मिलना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे प्रदेश में बेरोजगारी और पलायन की समस्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। आने वाले समय में बिहार की स्थिति और भी बिगड़ सकती है। तेजस्वी ने कहा कि कोरोनाकाल में बाहर से लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों को काम या रोजगार देने की बजाय उन्हें भगवान के भरोसा छोड दिया गया है। उनलोगों के कल्याण के लिए सरकार की घोषणाएं कागजी साबित हुईं और अंत में प्रवासी मजदूरो को पुनः काम के लिए पलायन होना पड़ रहा है। डबल इंजन की सरकार उनलोगों के पलायन को रोकने में विफल रही। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में एनडीए के लोग खासकर, मुख्यमंत्री प्रदेश की बेरोजगारी, गरीबी, पलायन जैसे मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते हैं बल्कि जनता को भटकाने का काम कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें सिर्फ सत्ता सुख से मतलब है। लेकिन प्रदेश की जनता समझ चुकी है और इस चुनाव में उनकी हार तय है। उन्होंने कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो सबसे पहले बेरोजगारी की समस्या को दूर करते हुए दस लाख युवाओं को नौकरी देने का काम करेंगे। इसके अलावा नियोजित शिक्षकों को समान वेतन देने, वृद्धावस्था पेंशनधारियों को चार सौ रुपये की बजाय एक हजार रुपये देने के साथ ही सनोखर को प्रखंड बनाया जाएगा। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश जी थक चुके हैं, अब वो बिहार नहीं संभाल पा रहे हैं। वो हमेशा कह रहे हैं कि हमने कोशिश की है लेकिन नौकरियां नहीं दी जा सकती हैं, कारखाने नहीं खोले जा रहे हैं। वो मुद्दे से भटक रहे हैं। आज किसी भी प्रखंड या थाने में बिना घूस के कोई काम नहीं होता है। सभा को कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह, तेजप्रताप यादव, राजद विधायक रामविलास पासवान, शुभानंद मुकेश, डॉ चक्रपाणि हिमांशु ने भी संबोधित किया। मंच पर रसिया खातून, शहवाज आलम मुन्ना, बिपिन बिहारी यादव सहित महागठबंधन के कई नेता मौजूद थे।