छत्तीसगढ़: 5 हजार करोड़ घोटाला मामले का इनामी समुंद सिंह गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: 5 हजार करोड़ घोटाला मामले का इनामी समुंद सिंह गिरफ्तार

- आरोपित आबकारी विभाग का पूर्व अधिकारी है

- आर्थिक अनुसंधान अन्वेषण शाखा व एसीबी ने किया गिरफ्तार

रायपुर, 19 नवम्बर । छत्तीसगढ़ में पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाला मामले में आबकारी विभाग के पूर्व अधिकारी समुंद सिंह को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अनुसंधान अन्वेषण शाखा) व एसीबी (भ्रष्टाचार-निरोधक कार्यालय) ने गुरुवार की सुबह उसके बोरियाकला निवास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पिछले एक साल से फरार चल रहा था और उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

समुंद सिंह मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का निवासी है। उस पर भाजपा शासन के दौरान आबकारी नीति में बदलाव में गड़बड़ी का आरोप है। उस पर अधिक लाभ, कम गुणवत्ता की शराब को आईएमएल की कटेगरी में रख कंपनियों-ठेकदारों को फायदा पहुंचाने और टैक्स में गड़बड़ी करने की शिकायतों की पुष्टि हो चुकी है। इससे करीब 5 हजार करोड़ का नुकसान आंका गया है। समुंद सिंह 24 अप्रैल 2019 से फरार था। उसके खिलाफ ईओडब्ल्यू ने 4 अप्रैल 2019 को भ्रष्टाचार अधिनियम 2018 और कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामला दर्ज होते ही वह फरार हो गया।

उल्लेखनीय है कि आबकारी विभाग में एक्साइज कमिश्नर पद पर रहे समुंद सिंह 2008-09 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें ओएसडी के पद पर संविदा नियुक्ति दी गई। वे बेवरेज कारपोरेशन में एडीशनल महाप्रबंधक के पद पर थे। समुंद सिंह संविदा में रहने के बावजूद पिछले एक दशक से परोक्ष रूप से आबकारी विभाग के सबसे महत्वपूर्ण अफसर बने हुए थे। उनके खिलाफ महालेखाकार, ईओडब्ल्यू और मुख्यमंत्री को शिकायत की गई थी कि पद पर रहते हुए वे करीब 5000 करोड़ के घोटाले में शामिल रहे।

एक्साइज अतिरिक्त कमिश्नर पद से रिटायर होने के बाद पिछली सरकार के कार्यकाल में संविदा पर 9 साल ओएसडी रहे समुंद सिंह के 8 ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम ने छापे मारे थे। रायपुर, बिलासपुर और मध्य प्रदेश के अनूपपुर में उनके मकानों पर मारे गए छापों के बाद जांच में 20 से ज्यादा बंगले-मकानों के दस्तावेज, अनूपपुर में 70 एकड़ का फार्म हाउस, पेट्रोल पंप और बड़ा कैश भी मिला है। अफसरों की जांच में मिले दस्तावेज में समुंद सिंह के अलावा उनके परिवार-रिश्तेदारों के नाम पर भी प्रॉपर्टी खरीदने की जानकारी मिली थी। इसके अलावा बताया जा रहा है कि कागजात और पैसे के लेन-देन में कुछ नेताओं और शराब कारोबार से जुड़े कारोबारियों और अधिकारियों के नाम भी दर्ज हैं। इसकी भी जांच चल रही थी।

आबकारी विभाग के ओएसडी समुद्र सिंह को ईओडब्ल्यू और कोर्ट भी फरार घोषित कर चुकी है। दोनों की लगातार पिछले एक वर्ष से फरारी को देखते हुए ईओडब्ल्यू ने उनके संबंध में किसी भी तरह की सूचना देने पर 10000 रुपये का इनाम घोषित था।

कांग्रेस नेता की शिकायत पर हुई कार्रवाई

समुंद सिंह के खिलाफ कांग्रेस नेता नितिन भंसाली ने गत दिनों मुख्यमंत्री और ईओडब्ल्यू से शिकायत की थी। भंसाली ने 119 पेज के दस्तावेजों के साथ 22 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और इओडब्ल्यू को शिकायत सौंपी थी। इसमें कहा गया कि भाजपा शासनकाल के दौरान करीब 9 वर्षों तक समुंद्र सिंह संविदा में आबकारी विभाग में ओएसडी रहे। इस दौरान यह घोटाला किया गया। कांग्रेस नेता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह बड़ी कार्रवाई की गई है।