मंहगाई भत्ता को लेकर कर्मचारियों ने दी अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

रायपुर, 23 नवंबर ।मंत्रिपरिषद की बैठक में दीवाली व ईद के पर्व पर लंबित 14 प्रतिशत मंहगाई भत्ता के संबंध में कोई विचार न करने, 8 नवंबर से जारी सहकारिता कर्मचारी संघ के हड़ताली कर्मचारियों के वेतन अनुदान पर निर्णय न लेने से कर्मचारियों में व्यापक निराशा हुई है।संघ ने इसे लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है ।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने तत्काल लंबित मंहगाई भत्ता व 7 वें वेतनमान् के बकाया एरियर्स की राशि तत्काल भुगतान करने की मांग मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री भूपेश बघेल से की है।संघ ने अनिश्चितकालीन आंदोलन में भाग लेने एवं इसकी प्रारंभिक तैयारी के रूप में 5 दिसंबर को बिलासपुर स्थित प्रार्थना सभा हाल में फेडरेशन की संभागीय बैठक प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा की अध्यक्षता में आहूत की गई है।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खॉन ने बताया है कि प्रदेश के कर्मचारियों के लंबित आर्थिक मांग जिसमें प्रमुख रूप लंबित 14 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता व सातवें वेतनमान् के एरियर्स की राशि की धोषणा की उम्मीद पर मंत्रिपरिषद् ने पानी फेर दिया है।

इसी प्रकार 8 नवंबर से जारी सहकारिता कर्मचारी संघ के हड़ताली कर्मचारियों के नेताओं की सरकार से 6-7 दौर के वार्ता विफल होने के बाद मंत्रिपरिषद में 5 सूत्रीय मांग में से प्रथम व प्रमुख मांग वेतन अनुदान स्वीकृत करने तथा अनियमित कर्मचारियों व स्कूल सफाई कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों, धान खरीदी केन्द्रों में कार्यरत् डाटा एट्री आपरेटरों की मांगों को भी अनदेखा किया गया है।संघ की मांग है कि एक देश एक वेतनमान्-एक देश एक मंहगाई भत्ता प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री भूपेश बधेल क्यों लागू नहीं करते है।

ऐसी स्थिति में संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष अजय तिवारी, संभागीय अध्यक्ष अजय तिवारी, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रांतीय सचिव विमल चंद्र कुण्डू, सुरेन्द्र त्रिपाठी,रामचन्द्र ताण्डी, आदि नेताओं ने शीध्र छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर अनिश्चितकालिन आंदोलन में भाग लेगें एवं इसकी प्रारंभिक तैयार के रूप में 5 दिसंबर को बिलासपुर स्थित प्रार्थना सभा हाल में फेडरेशन की संभागीय बैठक प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा की अध्यक्षता में आहूत भी की गई है।