कीड़े की दवा एल्बेंडाजोल खाने से बालक की मौत

कीड़े की दवा एल्बेंडाजोल खाने से बालक की मौत

नाक बंद कर दवा पिलाने से हुई मौत : सीएमओ

मीरजापुर, 17 जुलाई । कछवां थाना क्षेत्र के रामापुर गांव में शनिवार को फाइलेरिया अभियान के तहत ढाई वर्ष के बच्चे की एल्बेंडाजोल की दवा पिलाने के बाद हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों को भी दवा दिया गया था। बाकी लोगों को कोई समस्या नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चे की मां दवा को घोलकर पिला रही थी, उस दौरान बच्चे का नाक बंद किया था। इस कारण मौत हो सकती है।

12 जुलाई से फाइलेरिया अभियान के तहत गांव-गांव में आशा घुमकर लोगों को दवा खिला रही हैं। दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को ही दवा दिया जाना है। हर उम्र के लिए दवा की डोज अलग-अलग है। जौनपुर जिले के सुरेरी थाना क्षेत्र के भक्ति रामपुर निवासी इंद्रजीत की पत्नी नीतू अपने ढाई वर्षीय पुत्र ऋतिक और डेढ़ माह के रोशन के साथ अपने मायके कछवां थाना क्षेत्र के रामापुर गांव में पिछले आठ माह से रह रही है।

फाइलेरिया अभियान के तहत आशा शनिवार की सुबह रामजी के घर दवा खिलाने पहुंची। परिवार के छह सदस्यों को उम्र और लंबाई के हिसाब से दवा दिया गया। बालक ऋतिक को एल्बेंडाजोल की एक गोली दी गई। एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन करने के बाद ऋतिक की हालत बिगड़ने लगी। उसे 10 से 12 उल्टी हुई। हालत बिगड़ने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दिया। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अमित सिंह बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सक ने बालक को मृत घोषित कर दिया।

सीएचसी प्रभारी डा. सीबी पटेल ने बताया कि दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चा था। उसे एक गोली दिया गया था। परिवार में सभी लोगों को दवा दी गई थी। अन्य लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई। पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा कि बच्चे की मौत कैसे हुई।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीडी गुप्ता ने बताया कि बच्चे को एल्बेंडाजोल की एक गोली दी गई थी। उसकी मां दवा को पानी में घोलकर चम्मच से पिला रही थी। दवा पिलाते समय बच्चे का नाक बंद किया था। इस कारण दवा खाने की नली में न जाकर सांस की नली में चली गई। इस कारण मौत हो सकती है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीएम रिपोर्ट से मौत के कारण की पुष्टि होगी।