कल से बदल जाएगी दिल्ली पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली

कल से बदल जाएगी दिल्ली पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली

नई दिल्ली, 31 अगस्त । अपने आपको टॉप-कॉप कहने वाली दिल्ली पुलिस की एक सितंबर से पूरी कार्यप्रणाली बदल जायेगी। पीसीआर वैन की जगह अब बीट वैन होंगी, जो 24 घंटे आपके घर के आसपास गश्त लगाते हुए नजर आयेगी। पीसीआर के सभी पुलिसकर्मी अब थाने के एसएचओ को रिपोर्ट करेंगे। यह बीट वैन 24 घंटे अपनी बीट (तय किये गए इलाके) में ही गश्त करेंगी और कानून व्यवस्था बनाने के अलावा कॉल भी अटेंड करेंगी। इसके अलावा अवैध गतिविधियों पर नजर रखना भी इनकी जिम्मेदारी होगी।

पहले यह काम करती थी पीसीआर

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अभी के समय में पीसीआर कॉल आने पर मौके से नजदीकी पीसीआर वैन को रवाना किया जाता है। यह पीसीआर मौके पर कॉलर की बात सुनकर इसकी जानकारी थाने को देती है। वहीं अगर कोई घायल होता है तो उसे अस्पताल पहुंचाते हैं। स्थानीय पुलिस के आने पर पीसीआर की भूमिका खत्म हो जाती है। पीसीआर की अपनी एक बीट होती है जिसे वह कवर करते हैं। कुछ पीसीआर महत्वपूर्ण जगह पर खड़ी की जाती हैं जबकि कुछ पीसीआर वैन गश्त के लिए लगाई जाती हैं। यह पीसीआर वैन एक अलग यूनिट है, लेकिन अब पीसीआर वैन और इसके पुलिसकर्मी सीधे थाने से जुड़ जाएंगे।

अब पीसीआर को बीट वैन के नाम से जाना जाएगा

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीसीआर वैन के काम से लेकर नाम तक में बदलाव किया जा रहा है। एक सितंबर से इसे बीट वैन के नाम से जाना जाएगा। इसके लिए पीसीआर और स्थानीय पुलिस की बीट को मिलाकर नई बीट बनाई गई हैं। इस बीट में 24 घंटे यह वैन गश्त करेंगी। इस बीट से अगर कोई कॉल होगी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचेंगे।

बीट वैन में दो पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। इनमें महिलाओं की भी तैनाती होगी। उन्हें स्कूल, कॉलेज और महिला से संबंधित संस्थानों के आसपास सुरक्षा में लगाया जाएगा। सूत्रों की माने तो तीन अलग-अलग शिफ्ट में बीट वैन में पुलिसकर्मी तैनात होंगे। अगर कहीं कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो वह तुरंत इसकी जानकारी इंस्पेक्टर लॉ एंड आर्डर और एसएचओ को देंगे। कॉल पर जाने के बाद मामला जांच अधिकारी को सौंपकर बीट वैन वापस अपनी बीट में चली जायेगी।

प्रत्येक थाने में 30 फीसदी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ेगी

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना की इस पहल से प्रत्येक थाने में लगभग 30 फीसदी पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ जाएगी। पीसीआर से आठ हजार जवान 15 जिलों में भेजे जाएंगे। प्रत्येक जिले को औसतन 500 पुलिसकर्मी मिलेंगे और प्रत्येक थाने को करीब 40 पुलिसकर्मी मिलेंगे। इससे पुलिस के लिए कानून व्यवस्था बनाने एवं जांच को तेजी से करने में बड़ी मदद मिलेगी। एक सितंबर से ही जांच करने वाले और कानून व्यवस्था करने वाले पुलिसकर्मी भी अलग-अलग होंगे।