नई दिल्ली, 29 सितंबर । केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने तमिल अभिनेता विशाल के सेंसर सर्टिफिकेशन के बदले साढ़े छह लाख रिश्वत देने के आरोप पर जांच शुरू कर दी है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि अभिनेता विशाल द्वारा उठाया गया केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी ) में भ्रष्टाचार का मुद्दा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस रखती है और इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को आज ही जांच करने के लिए मुंबई भेजा गया है।
#Corruption being shown on silver screen is fine. But not in real life. Cant digest. Especially in govt offices. And even worse happening in #CBFC Mumbai office. Had to pay 6.5 lacs for my film #MarkAntonyHindi version. 2 transactions. 3 Lakhs for screening and 3.5 Lakhs for… pic.twitter.com/3pc2RzKF6l
Vishal (@VishalKOfficial) September 28, 2023
मंत्रालय ने कहा कि वे सभी से अनुरोध करते हैं कि वे सीबीएफसी द्वारा उत्पीड़न के किसी भी अन्य उदाहरण के बारे में jsfilms.inb@nic.in पर जानकारी प्रदान करें और मंत्रालय के साथ सहयोग करें।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को अभिनेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया था कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के मुंबई कार्यालय के अधिकारियों ने उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग और यू/ए प्रमाणपत्र देने के बदले में 6.5 लाख रुपये की मांग की थी।