परवर पश्चिम गांव में 'रुद्राक्ष' का पौधा बना आकर्षण का केंद्र

परवर पश्चिम गांव में 'रुद्राक्ष' का पौधा बना आकर्षण का केंद्र

लखनऊ, 24 मार्च। लखनऊ में परवर पश्चिम गांव के भीतर एक कॉलेज में प्रबंधक द्वारा अपने बागानी में रुद्राक्ष का पौधा लगाया गया है। जो आसपास गांव वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रुद्राक्ष के पौधे को देखने के लिए सुबह शाम लोगों का वहां पहुंचना हो रहा है।

मोहनलालगंज से 10 किलोमीटर भीतर परवर पश्चिम गांव स्थित है। गांव में एक निजी आयुर्वेदिक कॉलेज बना है, जो डॉ इंद्रेश सिंह चलाते हैं। डॉक्टर सिंह को बागवानी का शौक है और उन्होंने कॉलेज के पीछे करीब 100 से ज्यादा बहुमूल्य पौधों को लगाए हैं।कॉलेज में बागवानी करने के लिए माली और उनके सहयोगी लोगों की कमी नहीं है। अलग-अलग वैरायटी के पौधे इस बागवानी की शोभा बढ़ा रहे हैं। बागवानी में वह भी पौधे उपलब्ध हैं जो बहुमूल्य हैं और विशेष रूप से हिमालय पर्वत की घाटियों में पाए जाते हैं। इन्हीं पौधों में रुद्राक्ष का पौधा भी उपलब्ध है।

बागवानी करने वाले लोगों के द्वारा रुद्राक्ष का पौधा नेपाल से मंगाकर यहां लगाया गया है और जो दिन-प्रतिदिन बड़ा हो रहा है। रुद्राक्ष का पौधा आस्था का केंद्र बन गया है और इसके दर्शन करने के लिए सुबह शाम लोगों का आना जाना लगा रहता है। रुद्राक्ष पौधे का दर्शन करने वालों में विशेष रुप से महिलाएं ज्यादा है। कॉलेज के भीतर आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों एवं वहां के कर्मचारियों के लिए भी यह आश्चर्य का विषय है।

गांव परवर पश्चिम के निवासी अजय बताते हैं कि जब से उन्हें रुद्राक्ष पौधे किए लगाए जाने की जानकारी हुई है। वह सायंकाल पौधे के दर्शन के लिए कॉलेज में अनुमति लेकर जाते हैं और दर्शन कर वापस हो जाते है। पौधे के सामने खड़े होने पर उन्हें भगवान शिव के रूप का दर्शन होता है।

बता दे कि रुद्राक्ष की मान्यता भगवान शिव के प्रतीक चिन्ह के रूप में है। भारत में रुद्राक्ष की बेहद मांग है और इसे माला जपने से लेकर पहने तक आस्था के रूप में लिया जाता है। भारत में सबसे ज्यादा रुद्राक्ष नेपाल और इंडोनेशिया से आता है।