खेती-बाड़ी : बरसात में भिंडी बुवाई कर लाभ कमाएं किसान

खेती-बाड़ी : बरसात में भिंडी बुवाई कर लाभ कमाएं किसान

गोरखपुर, 30 जुलाई । बरसात में भिंडी की होने वाली खेती न सिर्फ खेती किसानों के लिए फायदेमंद है, बल्कि इसमें सेहत का खजाना भी है। इसे जुलाई में बोकर किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इतना ही नहीं, यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं। छोटी और पतली दिखने वाली भिंडी में सेहत का राज छिपा है।

कृषि वैज्ञानिक डॉ आदित्य प्रकाश द्विवेदी के मुताबिक एक एकड़ भूमि में 40 से 53 क्विंटल उत्पादन लिया जा सकता है। लेकिन इसके लिए फसल बोने से पहले मिट्टी और पानी की जांच जरूरी है। उन्नत व संकर किस्मों के बीज का चयन भी मायने रखता है।

भिंडी की किस्म

कृषि तकनीकी सहायक आलोक श्रीवास्तव की मानें तो वर्षा उपहार किस्म भिंडी का बीज पीलिया रोगरोधी क्षमता वाली है। पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ है। इसके पौधे मध्यम व लंबे दोनों तरह के हैं। इनके दो गांठों के बीच की दूरी कम होती है। फल, लंबे सिरे वाले चमकीले मध्यम मोटाई के होते हैं। 5 कोरों वाली यह किस्म 45 दिन में फल देने लगती है। हिसार नवीन किस्म भी रोगरोधी है। यह गर्मी व वर्षा दोनों के लिए उपयुक्त है। औसत पैदावार 40-45 क्विंटल प्रति एकड़ है। एचबीएच-142 संकर किस्म की भिंडी भी पीलिया रोगरोधी क्षमता वाली है और इसे वर्षाकाल में बोने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके फल 8-10 सेंटीमीटर लंबे, मोटाई मध्यम व पांच कोर वाले होते हैं। इसकी औसत 53 क्विंटल प्रति एकड़ है।