मीट और सी-फूड पकाने के सही और पौष्टिक तरीके क्या हैं?

मीट और सी-फूड पकाने के सही और पौष्टिक तरीके क्या हैं?

हम अपने भोजन में विविधता जोड़ने के अलावा भोजन की मदद से सेहत सुधारने के लिए अलग-अलग तरह की चीज़ें खाते-पीते हैं। करी, सलाद और सूप जैसे विभिन्न तरीकों से हम अनाज, सब्ज़ियां और फल , डेयरी और मीट जैसी चीज़ें शामिल करते हैं। लेकिन हो सकता है कि आप जिन चीज़ों को हेल्दी समझकर खा रहे हैं उन्हें खाने का तरीका ठीक ना हो। जी हां, कुछ चीज़ों को पकाकर खाना या कुछ चीज़ों को कच्चा खाना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हम यहां लिख रहे हैं 3 ऐसी ही चीज़ों के बारे में जिन्हें ग़लत तरीके से पका कर खाना आपके लिए हो सकता है नुकसान दायक।

दालें- कच्चे स्प्राउट्स या स्टिम्ट बींस खाने की आदत हेल्दी मानी जाती हैं। लेकिन अगर आप दालें या बींस खाना चाहते हैं तो उन्हें केवल भिगोकर ना खाएं। हमेशा उन्हेें पकाकर ही खाएं क्योंकि इनको कच्चा खाने से आपको बदहजमी हो सकती है। साबुत अनाज और बींस को आप अंकुरित होने या स्प्राउट्स के रुप में भी खा सकते हैं।

सब्ज़ियां- फाइबर के अलावा विटामिन सी और विटामिन बी जैसे तत्व भी सब्ज़ियों में पाए जाते हैं। ये तत्व पकाने से नष्ट हो जाते हैं। इसीलिए हर तरह की सब्ज़ियों को पकाकर खाना ठीक नहीं। लेकिन सब्ज़ियों के पोषक तत्व प्राप्त करने और उनमें मौजूद बैक्टेरिया से बचने के लिए सब्ज़ियों को थोड़ा स्टीम करना सही होता है। इसी तरह आप सॉटेड वेजिटेबल्स भी खा सकते हैं।

सी-फूड और मीट- नॉन-वेजिटेरियन या मांसाहारी भोजन के तौर पर खायी जाने वाली चीज़ों को कच्चा खाना आपकी सेहत के लिए नुकसान दायक हो सकती है। सी-फूड या मांस को जब भी खाएं वह पका हुआ हो। इसी तरह इन चीज़ों को माइक्रोवेव,तंदूर या आंच पर पकाएं या ग्रिल करके खाएं। इस तरह मीट और सी-फूड का स्वाद भी बढ़ेगा और भोजन में प्रोटीन की मात्रा भी अच्छे स्तर पर प्राप्त होगी।