कोरोना टीकों की बर्बादी पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई चिंता

कोरोना टीकों की बर्बादी पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई चिंता

- तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा टीके की बर्बादी

- स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अबतक 7.54 करोड़ टीके भेजे

विजयालक्ष्मी

नई दिल्ली, 17 मार्च । केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों में कोरोना टीकों की बर्बादी पर चिंता जाहिर की है। बुधवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि देश में अबतक 6.5 प्रतिशत कोरोना के टीके बर्बाद हो चुके हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि टीके की बर्बादी में सबसे आगे तेलंगाना (17 फीसदी), आंध्रप्रदेश (11 फीसदी), उत्तर प्रदेश ( 9 फीसदी) कर्नाटक (6 फीसदी) और जम्मू-कश्मीर (6 फीसदी) हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश(1.4 प्रतिशत) और उत्तराखंड(1.6 प्रतिशत) टीकों की बर्बादी के लिहाज से बेहतर हैं। टीकों की अधिक बर्बादी करने वाले राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसमें तुरंत कमी लायें। राजेश भूषण ने बताया कि कोरोना से बचाव का यह टीका अमृत है। इसकी बर्बादी नहीं होनी चाहिए। कोलकाता में वैक्सीन की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी कोरोना के टीके की कमी नहीं है। अब तक केन्द्र द्वारा राज्यों को 7.54 करोड़ टीके भेजे गए हैं।

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 12 राज्यों में टीकाकरण की गति बढाने के निर्देश

राजेश भूषण ने बताया कि देश में 12 राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। इन राज्यों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और मध्यप्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों के 70 जिलों में कोरोना के मामले में 150 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 17 राज्यों के 55 जिलों में कोरोना के मामलों में 100 से 150 प्रतिशत के बीच बढ़ोतरी हुई है। इन राज्यों में कोरोना को रोकने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इसके साथ इन राज्यों में टीकाकरण की गति को तेज करने को कहा गया है।