प्रधानमंत्री इमरान खान के सहयोगी भी बढ़ा रहे मुश्किलें

प्रधानमंत्री इमरान खान के सहयोगी भी बढ़ा रहे मुश्किलें

इस्लामाबाद, 17 जनवरी (हि.स.)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें विरोधियों के साथ ही अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की अंदरूनी कलह भी बढ़ा रही है। इस मुश्किल समय में उनकी पार्टी के सहयोगी भी सरकार पर हमले करने से बाज नहीं आ रहे। पीटीआई के दो नेताओं ने इस सप्ताह अपनी सरकार की नीतियों और प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के कार्यकलाप से जनता को राहत नहीं मिली है। एक नेता ने तो मौजूदा हालात के लिए इमरान सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है।

इससे पहले पीटीआई के एक नेता पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी से मुलाकात कर उनकी पार्टी में शामिल हो गए। शामिल होने से पहले उन्होंने इमरान सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सूचना यह भी है कि इस्लामाबाद में दो दर्जन से ज्यादा पीटीआई सांसद विभिन्न माध्यमों से विपक्षी दलों के संपर्क में हैं।

बीते गुरुवार को रक्षा मंत्री परवेज खटक की बैठक में प्रधानमंत्री इमरान खान से हुआ तेज आवाज में विवाद चर्चा में है।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कद्दावर नेता खटक ने प्रांत में नेचुरल गैस की किल्लत और कुछ अन्य मसलों पर इमरान से शिकायत की थी लेकिन प्रधानमंत्री का संतोषजनक जवाब न पाकर वह भड़क गए।

पेशावर से पार्टी के सांसद नूर आलम खान ने सरकार पर गुस्सा निकालते हुए संसद में प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को देश में व्याप्त समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीटीआइ नेता समस्याओं से बढ़ रहे जनता के गुस्से को समझ रहे हैं, इसलिए वे सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। लेकिन तंगहाली की शिकार सरकार कुछ कर ही नहीं पा रही, इसलिए वे विपक्षी नेताओं की तरह सरकार पर हमला करने से नहीं हिचक रहे। इन नेताओं को लग रहा है कि भविष्य में होने वाले चुनावों में वे जनता के बीच जाकर क्या कहेंगे।