भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लेकर ब्लिंकेन और जयशंकर ने जताई सहमति

भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लेकर ब्लिंकेन और जयशंकर ने जताई सहमति

सुप्रभा सक्सेना

वॉशिंगटन, 10 फरवरी । अमेरिका के सेक्रेट्री ऑफ स्टेट एंटोनी ब्लिंकेन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत हुई।

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट को प्रवक्ता नेड प्राइज ने बताया कि ब्लिंकेन और जयशंकर के बीच क्षेत्रीय सहयोग को लेकर बात हुई। दोनों ने क्षेत्रीय सहयोग, कोरोना काल में आने वाली चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन पर एक साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इसके अलावा म्यांमार में सैन्य तख्तापलट और देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आवाश्यकता को लेकर भी बात हुई।

ब्लिंकेन ने ट्वीट कर कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में हमारी सहभागिता महत्वपूर्ण है और वैश्विक स्तर पर आनेवाली चुनौतियों में हम एकसाथ हैं। इसके साथ-साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि ब्लिंकेन के साथ हुई बातचीत का वे स्वागत करते हैं। दोनों के बीच म्यांमार में स्थिति को लेकर भी बातचीत हुई।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच द्वीपक्षीय सहयोग को लेकर बातचीत हुई।

हिन्दुस्थान समाचार/सुप्रभा सक्सेनावॉशिंगटन, 10 फरवरी )। अमेरिका के सेक्रेट्री ऑफ स्टेट एंटोनी ब्लिंकेन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत हुई।

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट को प्रवक्ता नेड प्राइज ने बताया कि ब्लिंकेन और जयशंकर के बीच क्षेत्रीय सहयोग को लेकर बात हुई। दोनों ने क्षेत्रीय सहयोग, कोरोना काल में आने वाली चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन पर एक साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इसके अलावा म्यांमार में सैन्य तख्तापलट और देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आवाश्यकता को लेकर भी बात हुई।

ब्लिंकेन ने ट्वीट कर कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में हमारी सहभागिता महत्वपूर्ण है और वैश्विक स्तर पर आनेवाली चुनौतियों में हम एकसाथ हैं। इसके साथ-साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि ब्लिंकेन के साथ हुई बातचीत का वे स्वागत करते हैं। दोनों के बीच म्यांमार में स्थिति को लेकर भी बातचीत हुई।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच द्वीपक्षीय सहयोग को लेकर बातचीत हुई।