पाकिस्तानी अखबारों सेः सैन्य प्रवक्ता की शीर्ष सियासी नेतृत्व को खरी-खरी, कहा- विवाद से दूर रखें

- लंदन बैठक के फैसलों और सत्तापक्ष-विपक्ष के जरिये इलेक्शन को एकमात्र हल बताने को भी महत्व

- भीषण गर्मी और जबरदस्त लोड शेडिंग से जनता बेहाल, कराची में बम धमाका, दो की मौत, 13 घायल

- नेशनल असेंबली में जम्मू-कश्मीर में हुए परिसीमन की रिपोर्ट को रद्द का प्रस्ताव पारित

नई दिल्ली, 13 मई (हि.स.)। पाकिस्तान से शुक्रवार को प्रकाशित अधिकांश समाचार पत्रों ने सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तेखार के बयान को लीड समाचार के तौर पर प्रकाशित किया है। इस बयान में उन्होंने देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से फौज को विवादास्पद न बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोर कमांडर पेशावर के हवाले से कुछ प्रमुख नेताओं और मीडिया के बयान बहुत अनुचित रहे हैं। साथ ही कहा कि आर्मी चीफ को बहस का मुद्दा न बनाएं। उन्होंने संस्थान को विवाद में न घसीटने और सियासत से दूर रखने की अपील की।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रिमंडल की नवाज शरीफ के साथ हुई बैठक में लिये गए फैसलों को भी सरहद उस पार के अखबारों ने महत्व दिया है। इसे लंदन में हुआ फैसला, कानून तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई जैसी सुर्खियों के साथ छापा गया है। बैठक में आरोप लगाया गया है कि इमरान खान देश में अफरा-तफरी और अराजकता फैलाना चाहते हैं, उन्हें इजाजत नहीं देंगे। संस्थानों के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं, उन्हें रोका जाएगा।

अखबारों ने इमरान खान का भी एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जेल और मौत से नहीं डरता। पाकिस्तान की जनता फैसला करे कि आजाद रहना है या अमेरिकी गुलाम बनकर रहना है। अखबारों ने इमरान खान के जरिए 27 मई को लांग मार्च की काल देने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने पूर्व गृहमंत्री शेख रशीद का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि इलेक्शन, वर्ना हालात ऐसे खराब होंगे कि लोग कांप उठेंगे।

अखबारों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के लीडर मरियम नवाज का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि देश में वर्तमान हालात से निपटने के लिए इलेक्शन एकमात्र हल है। अखबारों ने एफआईए के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शाहबाज शरीफ और हमजा शहबाज के खिलाफ ट्रायल ना करने का फैसला लेने की खबरें भी दी हैं।

अखबारों ने भीषण गर्मी और जबरदस्त लोड शेडिंग की वजह से आम नागरिकों के बिलबिला उठने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का एक फैसला प्रकाशित किया है, जिसमें कहा गया है कि मदीना स्थित मस्जिद-ए-नबवी मामले में पीटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज न किए जाएं।

अखबारों ने कराची में बम धमाका होने की खबर देते हुए बताया कि इसमें 2 लोगों की जान चली गई है जबकि 13 लोग जख्मी हुए हैं और दर्जनों गाड़ियां तबाह हो गई हैं। धमाका भीड़भाड़ वाले एक बाजार में मोटरसाइकिल में छिपाकर रखे गए विस्फोटक से किया गया है।

अखबारों ने पेंटागन का एक बयान छापा है, जिसमें कहा गया है कि रूस का किसी भी नाटो देश पर हमला करना गेमचेंजर होगा। अखबारों ने श्रीलंका में प्रदर्शन के दौरान 9 लोगों के मारे जाने और 200 लोगों के जख्मी होने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने एक खबर में बताया है कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। अखबारों ने लिखा है कि वाशिंगटन दौरे के दौरान वह अमेरिका से और अधिक सहयोग मांगने की कोशिश करेंगे। यह सभी खबरें रोजनामा दुनिया, रोजनामा खबरें, रोजनामा औसाफ, रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा नवाएवक्त और रोजनामा जंग ने अपने पहले पन्ने पर छापी हैं।

रोजनामा नवाएवक्त ने एक खबर दी है कि नेशनल असेंबली में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए किए गए परिसीमन की रिपोर्ट को रद्द किए जाने के लिए एक प्रस्ताव पास किया गया है। अखबार ने लिखा है कि नेशनल असेंबली में पारित प्रस्ताव में कश्मीरियों की हरसंभव मदद करने और भारत के जरिए उनके खिलाफ की जाने वाली हिंसा और बर्बरता पर संयुक्त राष्ट्र संघ, ओआईसी और दूसरे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज़ उठाने की बात भी कही गई है।

रोजनामा दुनिया ने एक खबर दी है, जिसमें बताया गया है कि बीजेपी ने मुसलमान बादशाहों के नाम वाली सड़कों के नाम को बदलने की मांग की है। अखबार ने बताया है कि राजधानी दिल्ली के 40 गांवों के नाम बदलने के लिए दिल्ली नगर निगम सक्रिय है। अखबार ने बताया है कि मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर माधवपुरम रखने का प्रस्ताव रखा गया है। अखबार में बताया है कि दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन ने कहा है कि वह मुसलमान राजाओं के नाम से रखी गए 6 सड़कों के नाम को भी बदलने की तैयारी कर रहा है।