- समुद्री क्षेत्र की समस्याओं पर भारत-फिलीपींस ने पहली द्विपक्षीय बैठक की
- दोनों देशों के तटरक्षकों के बीच पेशेवर जुड़ाव को बढ़ाना है समझौते का उद्देश्य
नई दिल्ली, 22 अगस्त । भारत और फिलीपींस तटरक्षक बल के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू का उद्देश्य समुद्री कानून प्रवर्तन (एमएलई), समुद्री खोज और बचाव (एम-एसएआर) और समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया (एमपीआर) के क्षेत्र में दोनों तटरक्षकों के बीच पेशेवर जुड़ाव को बढ़ाना है।
रखा मंत्रालय ने एक बयान में बताया है कि भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री सहयोग बढ़ाने पर फिलीपींस तटरक्षक (पीसीजी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली में हुए समझौता ज्ञापन पर भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक राकेश पाल और फिलीपींस तटरक्षक (पीसीजी) के कमांडेंट एडमिरल आर्टेमियो एम अबू ने हस्ताक्षर किए हैं। दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र की समस्याओं पर अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक की।
आज हुए समझौते का उद्देश्य समुद्री कानून प्रवर्तन (एमएलई), समुद्री खोज और बचाव (एम-एसएआर) और समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया (एमपीआर) के क्षेत्र में दोनों तटरक्षकों के बीच पेशेवर जुड़ाव को बढ़ाना है। इससे सुरक्षित, संरक्षित और स्वच्छ समुद्र सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग बढ़ेगा। दोनों समुद्री एजेंसियों के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करके, आचरण करके पेशेवर संबंधों को मजबूत करने में समर्पण का प्रतीक है।
फिलीपींस तटरक्षक का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 20-24 अगस्त तक भारत के आधिकारिक दौरे पर है। इससे पहले इस पीसीजी प्रतिनिधिमंडल ने 21 अगस्त को गोवा का दौरा करके आत्मनिर्भर भारत के तहत भारतीय तटरक्षक जहाजों और विमानों की परिचालन क्षमताओं को देखा था। प्रतिनिधियों ने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित भारतीय तटरक्षक जहाज सुजीत का भी दौरा किया। फिलीपींस के तटरक्षक प्रमुख आर्टेमियो अबू ने गोवा में ध्रुव हेलीकॉप्टर में उड़ान भरकर एएलएच की ताकत को परखा।