नेपाल संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री देउबा सातवीं बार जीते, रुझानों में नेपाली कांग्रेस आगे

नेपाल संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री देउबा सातवीं बार जीते, रुझानों में नेपाली कांग्रेस आगे

काठमांडू, 23 नवंबर । नेपाल चुनाव के पहले और बाद में जहां त्रिशंकु बहुमत के आसार बन रहे थे, वहीं अब मतगणना होने के साथ नेपाली कांग्रेस बहुमत की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने पश्चिमी नेपाल के डडेलधुरा निर्वाचन क्षेत्र से भारी मतों के अंतर से लगातार सातवीं बार जीत दर्ज की है। वहीं, उनकी नेपाली कांगेस पार्टी अभी तक 19 सीटें जीतकर सबसे आगे चल रही है।

नेपाल में प्रतिनिधि सभा और सात प्रांतों की विधानसभाओं के लिए पिछले रविवार को मतदान हुआ था। मतों की गिनती सोमवार को शुरू की गई। देउबा को 25,534 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं निर्दलीय उम्मीदवार सागर ढकाल (31) को 1,302 मत हासिल हुए। देउबा अपने पांच दशक के राजनीतिक करियर में कभी कोई संसदीय चुनाव नहीं हारे हैं। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष देउबा अभी पांचवीं बार प्रधानमंत्री के पद पर काबिज हैं।

देउबा के प्रतिद्वंद्वी ढकाल एक युवा इंजीनियर हैं, जिनकी पांच साल पहले बीबीसी (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन) के साझा सवाल कार्यक्रम में एक सार्वजनिक परिचर्चा के दौरान देउबा से बहस हुई थी। इसके बाद उन्होंने यह कहते हुए देउबा को चुनौती देने का फैसला किया था कि अब युवाओं को राजनीति में आना चाहिए और देउबा जैसे वरिष्ठ लोगों को आराम करना चाहिए। देउबा से पहले प्रधानमंत्री रहे विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल के नेता केपी शर्मा ओली ने नेपाली कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी खगेंद्र अधिकारी को 28,574 के मतों के अंतर से हरा दिया।

सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस ने अभी तक प्रतिनिधि सभा की 19 सीटें जीत ली हैं, जबकि वह 37 अन्य सीटों पर वह आगे चल रही है। उसके सहयोगी दलों - सीपीएन-माओवादी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है और 15 अन्य पर आगे चल रही ह, सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है और आठ पर आगे चल रही है, वहीं लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी एक सीट जीतकर दो पर आगे चल रही है।

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली की अगुवाई वाले मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) ने अभी तक सात सीटों पर जीत दर्ज की

है, जबकि 37 सीटों पर उसने बढ़त हासिल कर ली। उसके सहयोगी दल- राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी एक-एक सीट पर जीत हासिल कर चुके हैं और चार-चार सीटों पर आगे चल रही हैं।

नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अब तक चार सीटों पर जीत हासिल की है और पांच पर आगे चल रही है। वह रविवार को हुए आम चुनाव में तीसरी शक्ति के रूप में उभर रही है। मधेस आधारित जनमत पार्टी ने चुनाव में अपना खाता खोल लिया है और पार्टी नेता सीके राउत जीत गए हैं। दो अन्य मधेस आधारित दल-जनता समाजवादी पार्टी तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने एक-एक सीट पर विजय प्राप्त कर ली है।नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने एक सीट जीत ली है। आनुपातिक चुनावी प्रणाली के तहत सीपीएन-यूएमएल को सबसे अधिक वोट मिले हैं, जिसमें पार्टी ने 2,07,299 वोट प्राप्त किए, उसके बाद नेपाली कांग्रेस को 1,83,352 वोट मिले हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 5,58 मतों के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि सीपीएन-माओवादी को 86,433 मत मिले हैं। इसी तरह सीपीएन यूनिफाइड सोशलिस्ट को 10,1 वोट मिले।

नेपाल में संघीय संसद की 275 सीटों और सात प्रांतीय विधानसभाओं की 550 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। संघीय संसद के कुल 275 सदस्यों में से 165 का चयन प्रत्यक्ष मतदान के जरिए होगा, जबकि बाकी 110 को आनुपातिक चुनाव प्रणाली के माध्यम से चुना जाएगा। इसी तरह, प्रांतीय विधानसभाओं के कुल 550 सदस्यों में से 330 का चयन प्रत्यक्ष मतदान, जबकि 220 का चयन आनुपातिक प्रणाली से होगा।