-बिहार में बढ़ने लगी सियासी सरगर्मी

-बिहार में बढ़ने लगी सियासी सरगर्मी

-उपचुनाव के राजद के स्टार प्रचारकों में पहले स्थान पर हैं लालू प्रसाद

पटना, 08 अक्टूबर । राजद प्रमुख लालू प्रसाद करीब तीन साल बाद बिहार की राजधानी पटना आने वाले हैं। शुक्रवार को राजद विधायक दल की बैठक के बाद भाई वीरेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि लालू प्रसाद 20 अक्टूबर को पटना आएंगे।

भाई विरेंद्र ने कहा कि लालू प्रसाद पटना पहुंचते ही एक बार फिर से पूरे जोश के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।बिहार विधानसभा उपचुनाव-2021 के लिए कुशेश्वर स्थान (दरभंगा जिला) एवं तारापुर (मुंगेर जिला) सीट पर चुनाव प्रचार के संबंध में राष्ट्रीय जनता दल ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पहले तो दूसरे नंबर पर तेजस्वी यादव का नाम है।

ऐसे में लालू प्रसाद उपचुनाव में अपने संबोधन से कार्यकर्ताओं के बीच जोश भरने का काम करेंगे और जनता से वोट मांगने भी मांगेंगे। लालू के पटना आने की खबर के बाद बिहार में सियासी सरगर्मी भी बढ़ने की बात कही जा रही है।

इधर, लालू प्रसाद के पटना आने की खबर की पुष्टि होते ही उनके बड़े बेटे और विधायक तेजप्रताप यादव के आरोपों पर विराम लगता दिख रहा है। दरअसल, तेजप्रताप यादव ने तेजस्वी का नाम लिए बगैर कहा था कि लालू प्रसाद को दिल्ली में बंधक बनाकर रखा गया है। तेजप्रताप का आरोप है कि राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देखने वाले लोग लालू प्रसाद को दिल्ली से पटना वापस नहीं आने दे रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में ही कैद करके रखा गया है।

तेजप्रताप ने छोटे भाई का खुलकर नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि सभी यह जानते हैं कि पटना में लालू प्रसाद जिस घर में रहते थे, उसके दरवाजे हमेशा खुले रहते थे। अब उस घर का दरवाजा हमेशा बंद रहता है। घर के बाहर रस्सी लगा दी जाती है। हालांकि, लालू ने खुद तेजप्रताप के इस आरोप को सिरे से नकार दिया था।

विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए तेज

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर राष्ट्रीय जनता दल के विधायक दल की बैठक हुई। खास बात यह है कि इस बैठक में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे और प्रदेश के पूर्वमंत्री तेजप्रताप यादव शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति पर पार्टी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि एक एमएलए के तौर पर तेजप्रताप को बैठक में शामिल होना चाहिए था।

भाई विरेंद्र ने लगे हाथ यह भी कह डाला कि बैठक के दौरान पार्टी की ओर से दी गई जिम्मेदारियों को निभाना विधायकों कर्तव्य है। फिर चाहे कोई भी क्यों न हो। विधायक दल की बैठक को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी संबोधित किया।