दो दिन बाद फिर मध्य प्रदेश में बादल डाल सकते हैं डेरा, ठिठुरन से मिलेगी राहत

भोपाल, 14 जनवरी (हि.स.)। वर्तमान में मध्य प्रदेश को प्रभावित करने वाला कोई वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। इस वजह से बादल छंटने लगे हैं। हवा का रुख भी उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। इसके चलते उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण वर्तमान में प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में पहुंचेगा।

इसके अतिरिक्त 18 जनवरी को भी तीव्र आवृति के एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इस वजह से 17 जनवरी से वातावरण में नमी बढऩे से फिर बादल छाने की संभावना है। इससे एक बार फिर रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि लगातार पश्चिमी विक्षोभ आने के कारण उत्तर भारत के पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी हुई है। हालांकि हरियाणा में अभी भी एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। तमिलनाडु, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं दक्षिणी कोंकण में भी हवा के ऊपरी भाग में भी चक्रवात बने हुए हैं। कर्नाटक से ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इस वजह से कुछ नमी आ रही है। 17 जनवरी से प्रदेश में फिर बादल छाने की संभावना है। साथ ही 18-19 जनवरी से कहीं-कहीं बौछारें पडऩे की भी संभावना बन रही है।