बिहारः पूजा पंडालों में होगा कोरोना टेस्ट, वैक्सीन लेने वालों को ही मिलेगी एंट्री

बिहारः पूजा पंडालों में होगा कोरोना टेस्ट, वैक्सीन लेने वालों को ही मिलेगी एंट्री

-बिहार सरकार ने दुर्गा पूजा के लिए जारी नई गाइडलाइन

पटना, 08 अक्टूबर । बिहार में दुर्गा पूजा के लिए जरूरी गाइडलाइन्स जारी कर दी गई है। खासकर इस बार पंडालों में भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जन को दिए गए निर्देश के तहत पूजा पंडालों में भी दो गज की दूरी का पालन करना होगा। प्रवेश द्वार के पास हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था करनी होगी।

बिहार सरकार ने कोरोना से निपटने को लेकर दुर्गापूजा के लिए शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी की है। इस नई गाइडलाइन में दुर्गापूजा और मेला को लेकर साफ़-साफ़ कहा गया है कि किस स्थिति में जिले के डीएम दुर्गा पूजा में पंडालों और मेला की अनुमति देंगे। सीएम नीतीश ने साफ निर्देश दिया है कि जो लोग कोरोना प्रभावित राज्यों से बिहार आएंगे, उनके लिए कोविड जांच जरूरी है। मतलब साफ है कि बिहार में जो लोग दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के मौके पर आएंगे, वह कोविड जांच जरूर कराएंगे।

बिहार सरकार के गृह विभाग के विशेष शाखा की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार त्योहारों के दौरान बिहार के बाहर से आने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या के कारण कोरोना के संभावित प्रसार को रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन और जुलूस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर आदेश निर्गत किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से दुर्गापूजा के अवसर पर बनने वाले पंडालों या स्थानीय मेला का परमिशन देने के लिए जिला प्रशासन को दो विशेष चीजों पर ध्यान देना होगा। पहला संबंधित पंडाल या मेला प्रबंधक और कार्यकर्ताओं ने कोरोना के टीके की कम से कम एक डोज ली हो। दूसरा पंडाल या मेला लगाने के लिए स्वीकृत किए जाने वाले स्थान की घेराबंदी और प्रवेश द्वार पर आगंतुकों के टीकाकरण संबंधित प्रमाणपत्र की जांच की व्यवस्था की जाए। यानी पूजा पंडालों के प्रबंधन और कमेटी के लोगों को कम से कम कोरोना के टीका की एक डोज लेनी जरूरी है और जो लोग मेला या पंडाल घूमने आएंगे, उनके भी कोरोना टीकाकरण के सर्टिफिकेट की जांच पंडाल के द्वार पर ही की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पूजा पंडालों और मेला स्थल पर कोविड टेस्टिंग और टीकाकरण के लिए विशेष कैंप की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अवधि में कोविड संक्रमण की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और कोविड जांच की संख्या में निर्धारित मानकों के अनुरूप वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, पहले के आदेश के आलोक में वैसे राज्यों, जहां अभी भी डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले सामने आ रहे हैं, वहां से प्लेन, रेल, ट्रकों और अन्य वाहनों से राज्य में प्रवेश करने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से राज्य की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट के कराई जाएगी। जिनके पास पिछले 72 घंटे का आरटी-पीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट उपलब्ध होगी, उनको जांच कराने की जरूरत नहीं होगी। इस बार दुर्गापूजा में मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर डीजे बजाने की भी अनुमति नहीं होगी। लाउडस्पीकर की संख्या निर्धारित करके अनुमति दी जाएगी। साथ ही नदियों में नावों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। मूर्तियों का विसर्जन भी अस्थायी/कृत्रिम तालाब में होगा, नदियों में नहीं होगा। पटना में रावणवध कार्यक्रम को गांधी मैदान में आयोजित करने पर पाबंदी लगा दी गयी है और इसे सीमित स्तर पर कालिदास रंगालय में करने और उसकी लाइव वेबकास्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। मूर्ति विसर्जन स्थल पर लाइट, एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी।