मप्रः मंत्री उषा ठाकुर ने किया 28वें निमाड़ उत्सव का भव्य शुभारम्भ

मप्रः मंत्री उषा ठाकुर ने किया 28वें निमाड़ उत्सव का भव्य शुभारम्भ

- कहा- रामचरितमानस पर आयोजित होगी प्रतियोगिता, विजेताओं को अयोध्या के होंगे हवाई दर्शन

- चित्रकार कैलाशचन्द शर्मा, बाँसुरी वादक विक्रम यादव, कबीर गायक डॉ. भारती बंधु और जनजातीय कलाकार तिलकराम पेंद्राम को मिला राष्ट्रीय तुलसी सम्मान

- जनजातीय कलाकार शांति बाई मरावी और लोकगायिका मालिनी अवस्थी राष्ट्रीय देवा अहिल्या सम्मान से सम्मानित

भोपाल/खरगौन, 19 नवम्बर । प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने शुक्रवार देर शाम महेश्वर में नर्मदा नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा की चांदनी में 28वें निमाड़ उत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे प्राचीनतम नदी तट पर आप सभी से माँ नर्मदा के जल को निर्मल रखने का अनुरोध है। उन्होंने आव्हान किया कि इस पवित्र जल में कोई भी पूजन सामग्री प्रवाहित न करे। इस जल के बिना हमारे जीवन की कोई संभावना नहीं है। यही प्रण इस निमाड़ उत्सव को सार्थकता देगा।

संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि अतीत को पढ़कर भविष्य गढ़ने के लिए रामचरित मानस से अपने घर के लाड़लों को परिचित कराना आवश्यक है। शीघ्र ही प्रदेश में रामचरितमानस पर आधारित एक अनोखी और सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इसके चार विद्यार्थी वर्ग के विजेताओं और 4 सामान्य जन-मानस की श्रेणी के विजेताओं को अयोध्या के हवाई दर्शन कराए जाएंगे।

नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रीय तुलसी एवं देवी अहिल्या सम्मान दिया गया। प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने राष्ट्रीय तुलसी सम्मान और राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान के लोक कलाकारों का परिचय कराते हुए उनके योगदान का वाचन किया। क्षेत्रीय सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने भी संबोधित किया।

उत्सव का आयोजन म.प्र. शासन संस्कृति विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जनजातीय लोक एवं पारम्परिक कलाओं में उत्कृष्टता और श्रेष्ठ उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए किया जाता है। यह उत्सव जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया जाता है।

राष्ट्रीय तुलसी एवं देवी अहिल्या सम्मान

उत्सव के दौरान संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2017, 2018, 2019 एवं 2020 के राष्ट्रीय तुलसी सम्मान और 2019 एवं 2020 के राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान प्रदान किये गए। वर्ष 2017 का राष्ट्रीय तुलसी सम्मान जयपुर के सुप्रतिष्ठित चित्रकार कैलाश चन्द शर्मा को, वर्ष 2018 का सम्मान राजनांदगाँव के सुप्रतिष्ठित बाँस-बाँसुरी वादक विक्रम यादव को, वर्ष 2019 का सम्मान रायपुर के ख्यात कबीर गायक डॉ. भारती बंधु को तथा वर्ष 2020 का सम्मान प्रतिष्ठित जनजातीय कलाकार तिलकराम पेंद्राम को प्रदान किया गया।

वर्ष 2019 का राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान मण्डला की जनजातीय कलाकार शांति बाई मरावी को और वर्ष 2020 का सम्मान लखनऊ की अवधी, भोजपुरी एवं बुन्देलखण्डी शैली की सुविख्यात लोकगायिका मालिनी अवस्थी को प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय तुलसी एवं देवी अहिल्या सम्मान में सम्मानित होने वाले कलाकारों को 2 लाख रुपये की सम्मान राशि, सम्मान पट्टिका एवं शॉल-श्रीफल प्रदान किए गए। राष्ट्रीय तुलसी सम्मान की स्थापना वर्ष 1983 में की गई। राष्ट्रीय तुलसी सम्मान तीन वर्ष में दो बार प्रदर्शनकारी कलाओं और एक बार रूपंकर कलाओं के लिए दिया जाता है। जनजातीय, लोक एवं पारम्परिक कलाओं के क्षेत्र में महिला कलाकार को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान की स्थापना वर्ष 1996 में की गई है।

निमाड़ की संस्कृति पर केंद्रित चौमासा पत्रिका के अंक का हुआ विमोचन

निमाड़ उत्सव में जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा प्रकाशित चौमासा पत्रिका के 116 अंक का विमोचन संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, प्रमुख सचिव शुक्ला ने किया। हेंडलूम वॉक के लिए बनाए गए रुट का भी विमोचन किया गया।

राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी, पूर्व महेश्वर विधायक राजकुमार मेव, भूपेंद्र सिंह आर्य, प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला सहित संस्कृति और पर्यटन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन और पर्यटक उपस्थित थे।