पालघर-मछुवारों के जाल में फंसी दुर्लभ मछलियां,जाल काटकर दिया जीवनदान

मुंबई,14 जनवरी (हि.स.)। समुद्र की दुनिया काफी रहस्यमयी मानी जाती है। यहां कई ऐसी वनस्पतियां और समुद्री जीव हैं, जिनके बारे में अब तक कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी है। पालघर के समुद्री क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से लगातार दुर्लभ मछलियां पाई जा रही है। तारापुर के जगदीश विंदे ने समुंदर में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था। कुछ समय बाद, मछुआरे ने देखा कि दो दुर्लभ मछलियां फंस गई है। इन मछलियों की पहचान फिनलेस पोरपोइज़ के तौर पर की गई। मछलियों की खासियत को देखते हुए मछुवारे जगदीश विंदे ने अपने साथियों की मदद से मछली पकड़ने के जाल को काट दिया। और उन्होंने दोनों मछलियों को सुरक्षित समुंदर में छोड़कर जीवनदान दे दिया। ये दोनों मछलियाँ, जो दिखने में बेहद बहुत दुर्लभ थीं। और कुछ हद तक व्हेल जैसी थीं। इस दौरान इन दुर्लभ मछलियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ समुद्र तट पर इक्कठा हो गई। मछुवारों के जाल में पकड़ी गई ये दुर्लभ मछलियां फिनलेस पोरपोइस प्रजाति की थीं। यह दुर्लभ मछली भारत के तट से लगभग एक सौ दो सौ किलोमीटर गहरे समुद्र में पाई जाती है और ठंड के मौसम में ये मछली उष्णकटिबंधीय समुद्र में आ जाती है। मछली लगभग दो मीटर की लंबाई तक बढ़ती है और इसका वजन लगभग 35 से 40 किलोग्राम होता है। पर्यावरणविदों का कहना है कि फिनलेस पोरपोइज़ एक दुर्लभ मछली है और इसे संरक्षित और पोषित करने की आवश्यकता है।