संजय राऊत के बयान से शिंदे खेमा नाराज

संजय राऊत के बयान से शिंदे खेमा नाराज

- सांसद की भाषा पर विधायकों को एतराज

गुवाहाटी/मुंबई, 23 जून । शिवसेना सांसद संजय राऊत ने आज बागी विधायकों के सम्पर्क में होने का दावा करके एकनाथ शिंदे खेमे को और नाराज कर दिया।

मुंबई में आज संजय राऊत ने कहा, यदि असम में डेरा डाले हुए बागी विधायक 24 घंटे में मुंबई लौटते हैं तो शिवसेना महाविकास आघाड़ी सरकार छोड़ने के लिए तैयार है। विधायकों को गुवाहाटी से संवाद नहीं करना चाहिए, वे वापस मुंबई आएं और मुख्यमंत्री से इस पर चर्चा करें। हम सभी विधायकों की इच्छा होने पर महाविकास अघाड़ी से बाहर निकलने पर विचार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें यहां आना होगा और मुख्यमंत्री से इस पर चर्चा करनी होगी। संजय राऊत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बहुत जल्द वर्षा बंगले में वापस आएंगे। राऊत ने दावा किया कि गुवाहाटी में 21 विधायकों ने हमसे संपर्क किया है और जब वे मुंबई लौटेंगे तो वे हमारे साथ आएंगे।

राऊत के इस बयान पर गुवाहाटी के होटल में ठहरे बागी विधायक आग-बबूला हो गए। वो संजय राऊत के बड़बोलेपन और हर बात में की जा रही इस तरह की दखलअंदाजी पर खासे नाराज नजर आए।

सूत्रों के मुताबिक राऊत के बयान के बाद एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में फिर एक बार बागी विधायकों ने बैठक की। इस बैठक में शिवसेना के 36 विधायक शामिल हुए। इनमें एकनाथ शिंदे, अनिल बाबर, शंभूराजे देसाई, महेश शिंदे, शहाजी पाटील, महेंद्र थोरवे, भरतशेठ गोगावले, महेंद्र दलवी, प्रकाश अबिटकर, डॉ. बालाजी किणीकर, ज्ञानराज चौगुले, प्रा. रमेश बोरनारे, तानाजी सावंत, संदीपान भुमरे, अब्दुल सत्तार नबी, प्रकाश सुर्वे, बालाजी कल्याणकर, संजय शिरसाट, प्रदीप जयसवाल, संजय रायमुलकर, संजय गायकवाड, विश्वनाथ भोईर, शांताराम मोरे, श्रीनिवास वनगा, किशोरअप्पा पाटील, सुहास कांदे, चिमणआबा पाटील, लता सोनावणे, प्रताप सरनाईक, यामिनी जाधव, योगेश कदम, गुलाबराव पाटील, मंगेश कुडालकर, सदा सरवणकर, दीपक केसरकर और दादा भुसे थे।

इसके अलावा बैठक में निर्दलीय 9 विधायकों ने भी हिस्सा लिया। इनमें बच्चू कडू, राजकुमार पटेल, राजेंद्र यड्रावकर, चंद्रकांत पाटील, नरेंद्र भोंडेकर, किशोर जोरगेवार, मंजुला गावित, विनोद अग्रवाल और गीता जैन थे। बैठक में राऊत को लेकर खासी नाराजगी नजर आई। जल्द ही बागी खेमा अपना अगला कदम स्पष्ट करने वाला है।