सनातन धर्म पर फिर से हो हमला इससे पहले पक्ष से बुलंद होने लगी आवाज

नई दिल्ली, 13 सितंबर । जिस तरह से विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीआईए ने पहली बैठक के बाद सनातन धर्म पर हमला किया था, दूसरी बैठक में कुछ इसी तरह से दोबारा से सनातन धर्म पर हमला हाे सकता है। इसके पहले कि आईएनडीआईए की ओर से हमला हो सनातन धर्मावलंबी सशंकित हो आवाज बुलंद करने लगे हैं। इसी कड़ी में भाजपा कार्यकर्ता बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस के पास तमिलनाडु के मंत्री और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पुत्र दयानिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर टिप्पणी के खिलाफ मामला दर्ज कराने पहुंच गए।

भाजपा नेता राजकुमार चाहर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि आईएनडीआईए ने पहले भी एक बैठक की है, लेकिन हमने देखा है कि बैठक के बाद सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणियां कैसे आईं। उन्होंने अपना नाम इंडिया रखा है, लेकिन न तो वे इंडिया के लिए काम करते हैं और न ही भारत के लिए। वे एक असंगत गठबंधन हैं और आने वाले समय में टूट जाएंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनाज पूनावाला ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आईएनडीआईए की असली प्रवृत्ति चुनावी लाभ के लिए हिंदू भावनाओं का शोषण करना है। इसी तरह से गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि हिंदुओं को आईएनडीआईए को उसकी जगह दिखाने की जरूरत है क्योंकि इसका एजेंडा सनातन धर्म को समाप्त करना है।

झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने रांची एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन कुछ और नहीं बल्कि एक जीवन पद्धति है। हिंदू धर्म भी एक जीवन पद्धति है। सनातन हिंदू धर्म में शामिल है। यह पारंपरिक है, यह एक दिन की खोज नहीं है। लोग कहीं से भी एक या दो लाइनें ले रहे हैं और वे कहना चाहते हैं कि यह बुरा है। हर चीज की अपनी सकारात्मक और नकारात्मक बातें होती हैं और जो नकारात्मक है उसे हम खत्म कर रहे हैं। डीएमके हमेशा परंपरा के खिलाफ है। राजनीतिक लाभ के लिए कोई क्या कहता है, उसे महत्व देने की जरूरत नहीं है।