शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में दोनों पक्षों ने दलीलें रखीं, अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को

शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में दोनों पक्षों ने दलीलें रखीं, अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को

मुंबई, 25 सितंबर । शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले की सुनवाई सोमवार को विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने की। शिवसेना के दोनों समूहों के वकीलों ने जोरदार बहस करके दलीलें रखीं। इसके बाद नार्वेकर ने मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी है।

शिवसेना विधायकों की आज अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के समक्ष सुनवाई के दौरान ठाकरे समूह के वकील देवदत्त कामत ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने की मांग की, लेकिन शिंदे गुट के वकीलों ने इसका विरोध किया। शिंदे समूह के वकील अनिल साखरे ने दलील दी कि सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि अलग-अलग सुनवाई होनी चाहिए।

ठाकरे समूह के वकील देवदत्त कामत, असीम सरोदे, रोहित शर्मा ने जोर देकर कहा कि इस संबंध में सभी याचिकाएं एक साथ चलायी जानी चाहिए। एकनाथ शिंदे समूह की ओर से पेश हुए वकील अनिल सिंह ने कहा कि प्रत्येक याचिका पर अलग से सुनवाई होनी चाहिए और हमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार साक्ष्य लेने का अधिकार दिया जाना चाहिए। इसके बाद ठाकरे समूह के वकीलों ने अनिल सिंह की मांग पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। इसके बाद अध्यक्ष ने मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।

राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई ने बताया कि शिवसेना की ओर से बुलाई गई बैठक में शिंदे समूह के विधायक हाजिर नहीं हुए थे। इस बात को शिंदे समूह मना नहीं कर रहा है। अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के समक्ष सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के अनुसार कार्रवाई हो रही है, जिसमें विधायकों के बारे में फैसला लेना है। अनिल देसाई ने कहा कि अध्यक्ष की कार्यशैली आम जनता के समझ में आ रही है।