देश के 70 करोड़ लोगों के सपनों को उड़ान देगा सहकारिता : शाह

देश के 70 करोड़ लोगों के सपनों को उड़ान देगा सहकारिता : शाह

नई दिल्ली, 04 जुलाई । केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की सहकारिता संस्थाएं 70 करोड़ उन भारतवासियों के सपनों को उड़ान देंगी जो आर्थिक रूप से पिछड़ गए थे।

शाह ने सोमवार को विज्ञान भवन में 100वें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के मौके पर सहकारिता मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय सहकारिता संघ की ओर से आयोजित सहकारिता द्वारा आत्मनिर्भर भारत एवं एक बेहतर विश्व का निर्माण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व में विगत 100 वर्षों में दो मॉडल (साम्यवाद और पूंजीवाद) को दुनिया के देशों में अपनाए गए हैं लेकिन सहकारिता का मॉडल मध्यम मार्ग है। यह मॉडल सर्वस्पर्शी और समावेसी है। उन्होंने सहकारिता से जुड़े सभी लोगों से आह्वान किया कि सबको मिलकर सहकारिता को इतना मजबूत करना है कि जब देश आजादी का 100वां महोत्सव मनाए उस समय सहकारिता देश की अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका निभाए।

शाह ने कहा कि सहकारिता की 100 वर्षों की यात्रा गौरवपू्र्ण रही है। इस यात्रा को युवाओं के साथ मिलकर आगे बढ़ाना होगा। इस क्षेत्र में अनेक सुधारों से साथ-प्रयोग किए जाने की जरूरत है। केन्द्र सरकार सहकारिता मंत्रालय बनाकर सभी समस्याओं के समाधान देने की ओर अग्रसर है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मत्स्यपालन,पशुपालन और डेयरी मंत्री परशोत्तम रुपाला ने कहा कि देश को एक बनाने का कार्य सरदार पटेल ने किया और देश को श्रेष्ठ में अमित शाह जुटे हैं। उन्होंने कहा कि बचत सहकारिता का मुख्य सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने गुजरात के बालगोपाल बैंक का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ बच्चों ने अपने पैसे बचाकर बालगोपाल बैंक में जमा किया थे। आज इस बैंक के पास 16 करोड़ रुपये आ चुके हैं। इस बैंक के सारे खाताधारी बच्चे ही हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता में समाज को बदलने की ताकत है। हमें मिलकर इस मिशन को आगे ले जाना है।

केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री बी.एल वर्मा ने कहा कि 8 लाख 50 हजार सहकारिता संस्थान देश में हैं। अगर सब मिलकर मिशन मोड में काम करें तो हम देश की अर्थव्यवस्था और समाज के विकास में अहम भूमिका निभा सकेंगे।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री व राज्य सभा सांसद सुरेश प्रभु ने कहा कि जिस तरह से दुनिया में पूंजीवादी ताकतें बढ़ रही हैं वह चिंताजनक है। इस चिंता से हमें सहकार की भावना ही उबार सकती है। इसलिए सहकारिता को मजबूत कर हमें दुनिया को एक नया आर्थिक और सामाजिक विकास का मॉडल देना होगा।

भारतीय राष्ट्रीय सहकारिता संघ के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि एनएसीयूआई ने युवा समिति का गठन किया है।यह समिति युवाओं को सहकारिता से जोड़ेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करेगी।