लाकडाउन के बावजूद मदर डेयरी ने विदर्भ और मराठवाड़ा में डेयरी आपूर्ति को रखा बरकरार

नई दिल्ली, 19 मई । देश में राष्ट्रव्यापी लाकडाउन के बावजूद राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की मदर डेयरी ने विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में डेयरी आपूर्ति श्रृंखला को सामान्य बनाए रखने में बड़ा योगदान दिया। नागपुर के सिविल लाइम्स इलाके में स्थित मदर डेयरी ने इन क्षेत्रों के किसानों को हरसंभव मदद देते हुए उनसे प्रतिदिन 2.55 लाख लीटर दूध की खरीद करता आ रहा है।

मदर डेयरी ने दुग्ध उत्पादकों से बिना किसी रुकावट के लगातार दूध की खरीद जारी रखना और मांग कमजोर रहने पर भी दूध खरीद को 16 प्रतिशत बढ़ा देना उसकी इस प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मदर डेयरी ने इस दौरान न सिर्फ लगभग 24 हजार किसानों को अपने साथ जोड़ा है बल्कि विदर्भ और मराठवाड़ा के 10 जिलों में लगभग 2,500 गांवो से दूध की खरीददारी भी की। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए मदर डेयरी ने यह सुनिश्चित किया है कि उसे दूध बेचने वाले सभी किसानों को पैसे का भुगतान दस दिनों के अदंर सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाए। पिछले दो महीनें में दूध बेचने वाले किसानों को 65 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। डेयरी ने क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को उनकी मांग के अनुसार संतुलित और पूरक पशु आहार उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की है।
कोरोना के प्रकोप के बाद से मदर डेयरी ने पूरे उत्पाद मूल्य श्रृंखला में कोविड-19 से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता पैदा करने के सभी प्रयास किए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मास्क का इस्तेमाल करें और पूलिंग पॉइंट पर इकट्ठा न हों तथा फ्लोर इंडिकेटर्स के जरिए परस्पर दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन करें। इसी तरह खरीद और लॉजिस्टिक सेवाओं में शामिल कर्मचारियों को भी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी गई है। नागपुर और आस-पास के शहरों में 90 से अधिक बूथों के नेटवर्क के साथ मदर डेयरी ने उपभोक्ताओं को सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।