कोविड, कॉन्फ्लिक्ट और क्लाइमेट दुनिया के लिए बड़ी चुनौती : जयशंकर

नई दिल्ली, 24 नवंबर । विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि कोविड, कॉन्फ्लिक्ट और क्लाइमेट दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है। इसका सीधा असर खाद्य सुरक्षा पर पड़ता है। इस लिए हमें मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए काम करने की जरूरत है।

जयशंकर ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 के दौरान भारत में वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों के अग्रिम उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की शुरुआत खाद्य सुरक्षा से हुई है। इस लिए हमें खुद के खाद्य सुरक्षा को देखते हुए दूसरे देशों के लिए भी सोचने की जरूरत है।

जयशंकर ने कहा कि कई देश ऐसे हैं जो खाद्य के मामले में एक दूसरे देश पर निर्भर हैं। कोरोना काल में भारत ने अपने खाद्य सुरक्षा को देखते हुए दूसरे देशों का भी ध्यान रखा। जो भी देश भारत पर निर्भर थे उन्हें निराश नहीं किया।

जयशंकर ने कहा कि हमें खाद्यान्न के अधिक विविधतापूर्ण स्रोतों की तलाश करने की जरूरत है। दुनिया के 130 देश किसी न किसी रूप में मोटे अनाज का उत्पादन करते हैं, ऐसे में इस विषय पर ध्यान देने से खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता आएगी। खाद्य आपूर्ति भी बेहतर होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। इसके लिए 72 देशों ने इसका समर्थन किया था ।

जयशंकर ने कहा कि भारत में मोटे अनाज का इतिहास बहुत पुराना है। भारत मोटे अनाज का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला देश है। कुल वैश्विक उत्पादन का 20 प्रतिशत यहां होता है। यहां नौ प्रकार के मोटे अनाजों का उत्पादन किया जाता है।