नई दिल्ली, 15 सितंबर । मेरी माटी मेरा देश अभियान के पहले चरण में देश के 36 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में स्वतंत्रता सेनानियों और सुरक्षा बलों को समर्पित 2.33 लाख से अधिक शिलाफलकम् स्थापित किए जा चुके हैं। शुक्रवार को संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि अब तक लगभग 4 करोड़ पंच प्रण प्रतिज्ञा सेल्फी वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी हैं। देश भर में 2 लाख से अधिक बहादुर अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वसुधा वंदन थीम के तहत 2.36 करोड़ से अधिक स्वदेशी पौधे लगाए गए हैं और 2.63 लाख अमृत वाटिकाएं बनाई गई हैं।
मंत्रालय के अनुसार यह अभियान देश भर में अमृत कलश यात्राओं की योजना के साथ अपने दूसरे चरण में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस अभियान का उद्देश्य देश के हर घर तक पहुंचना है। भारत भर के ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों से मिट्टी और चावल के दाने एकत्र किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे ब्लॉक स्तर पर जोड़कर ब्लॉक स्तरीय कलश बनाया जाएगा। राज्य की राजधानी से औपचारिक विदाई के बाद ये कलश राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए दिल्ली आएंगे। शहरी क्षेत्रों में मिट्टी को वार्डों से एकत्र किया जा रहा है और राज्य की राजधानी के माध्यम से दिल्ली में मिश्रण और परिवहन के लिए बड़े शहरी स्थानीय निकायों में लाया जा रहा है। उम्मीद है कि अंतिम कार्यक्रम के लिए अक्टूबर के अंत तक 8500 से अधिक कलश दिल्ली पहुंचेंगे। भारत के सभी कोनों से एकत्र की गई मिट्टी को अमृत वाटिका और अमृत स्मारक में रखा जाएगा, जिससे आजादी का अमृत महोत्सव मनाने की विरासत तैयार होगी।
उल्लेखनीय है कि देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए 9 अगस्त, 2023 को एक राष्ट्रव्यापी अभियान मेरी माटी मेरा देश शुरू किया गया था। यह अभियान आजादी का अमृत महोत्सव का समापन कार्यक्रम है, जो 12 मार्च, 2021 को शुरू हुआ और पूरे भारत में 2 लाख से अधिक कार्यक्रमों के साथ व्यापक सार्वजनिक भागीदारी (जनभागीदारी) देखी गई है।