आतंक प्रायोजित करने वाले देशों को अलग-थलग करे विश्व समुदाय: उप राष्ट्रपति

आतंक प्रायोजित करने वाले देशों को अलग-थलग करे विश्व समुदाय: उप राष्ट्रपति

सुशील बघेल

नई दिल्ली, 21 नवम्बर (हि.स.)। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को विश्व समुदाय से आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों को अलग-थलग करने और उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। आतंक के बढ़ते प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से विचार-विमर्श पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन के भारत के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को अपनाने की अपील की।

यह देखते हुए कि कोई भी देश आतंक के खतरे से सुरक्षित नहीं है, उप राष्ट्रपति ने कहा कि अनर्थक बातों के दिन खत्म हो चुके हैं और यह ठोस कार्रवाई का समय है। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र में सुधार और अधिक समावेशी व न्यायसंगत विश्व व्यवस्था बनाने की भी जरूरत है।

उप राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा परोपकारी कार्यों के लिए इन्फोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार-2020 प्रदान करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। नायडू ने सभी देशों विशेष रूप से दक्षिण एशिया देशों को शांति को बढ़ावा देने, गरीबी उन्मूलन, जनता की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार लाने और आतंक के खतरे का सफाया करने के लिए आपसी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

उप राष्ट्रपति ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह भारत के एक महान पुत्र थे। वह एक सामान्य परिवार से उठकर भारत के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने हमेशा सरलता, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखा। उन्होंने कहा, शास्त्रीजी ने एक राजनेता की गरिमा, अटूट निष्ठा और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ समझौता किए बिना राष्ट्र की सेवा की।