जन सेवा का शाश्वत अनुष्ठान है प्रशासन शहरों के संग अभियान-धारीवाल

जन सेवा का शाश्वत अनुष्ठान है प्रशासन शहरों के संग अभियान-धारीवाल

-उदयपुर में आयोजित कोटा एवं उदयपुर संभाग की कार्यशाला में बोले नगरीय विकास मंत्री

उदयपुर, 17 जुलाई । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप प्रशासन शहरों के संग अभियान को फिर से चलाया जा रहा है। इस बार अभियान में नवाचारों के साथ विभिन्न एक्ट व नए प्रावधानों का समावेश कर आमजन को राहत प्रदान प्रदान करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

यह बात स्वायत्त शासन, नगरीय विकास, आवासन, विधि एवं ससंदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने शनिवार को नगर निगम के टाउन हॉल में आयोजित कोटा एवं उदयपुर संभाग के नगर निकाय स्वायत्त शासन विभाग के तत्वावधान में नगर निगम के सुखाडि़यां रंगमंच में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि शहरवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए इस अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने इस प्रकार का अभियान चलाकर शहर की जनता को राहत प्रदान कर कई आयाम स्थापित किए। धारीवाल ने कहा कि प्रशासन शहरों के संग अभियान जन सेवा का शाश्वत अनुष्ठान है।

धारीवाल ने कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को प्रशासन शहरों के अभियान की तैयारी में अभी से ही जुटने के निर्देश देते हुए कहा कि आज तक राज्य सरकार की ओर से जितने भी परिपत्र और आदेश निकले हैं, उनका अध्ययन करें। जनता की छोटी-छोटी समस्याएं निपटाना तो रोज का काम है, लेकिन अभियान के दौरान ऐसी समस्याओं का समाधान तलाशना है जो लंबे समय से चली आ रही है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जनता के चेहरे पर मुस्कान और स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करना है। धारीवाल ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि नियम-कानून और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत साफ नीयत से काम करने में डरने की कोई बात नहीं है। राज्य सरकार हर ईमानदार आदमी के साथ खड़ी है और खड़ी रहेगी। बांसवाड़ा नगर परिषद के सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी द्वारा किए गए सवाल के जवाब में धारीवाल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान यदि कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव दिए।

मंत्री धारीवाल ने कहा कि वर्ष 2012-13 में प्रशासन शहरों के संग अभियान में पांच लाख पट्टे बांटे गए और हजारों लोगों की समस्याएं सुलझाई गई। इस बार सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि 10 लाख पट्टे बंटने चाहिए और मैंने सीएम को आश्वस्त किया है कि निश्चित तौर पर यह काम करके दिखाएंगे। इस तरह के अभियान से आमजन की समस्याओं के निराकरण के साथ स्थानीय निकायों में आर्थिक मजबूती भी आती है।

मंत्री धारीवाल ने कहा कि इस बार प्रशासन शहरों के संग अभियान में कई नए बिंदु भी शामिल किए गए हैं। इनमें स्वच्छता के प्रति जन जागरुकता, खुले में शौचमुक्त, सामुदायिक शौचालयों के लिए जमीन आवंटित करना, आजीविका मिशन, कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं। धारीवाल ने कहा कि पिछली बार जब हमारी सरकार थी तब हमने एक सर्कुलर निकाला था, जिसके मुताबिक राज्य में निकायों की ऐसी संपत्ति जो लंबे समय से किराए पर चल रही है, उसे एक निश्चित रकम लेकर उसका स्वामित्व उसी व्यक्ति को सौंप दिया जाए। अब हम इसे वापस शुरू करना चाहते हैं। कीमत सरकार तय कर देगी। किरायानामा देखकर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर यह प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं।

मंत्री शांति धारीवाल ने स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में पूरे देश में पांचवें स्थान पर आने पर बधाई देते हुए कहा कि यह महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है और इसके लिए मैं उदयपुर कलक्टर चेतन देवड़ा और उदयपुर स्मार्ट सिटी के काम में जुटी पूरी टीम व उदयपुरवासियों को मैं बधाई देता हूं।

कार्यशाला में कोटा उत्तर मेयर मंजू मेहरा, कोटा दक्षिण के मेयर राजीव अग्रवाल, नगरीय विकास विभाग के सलाहकार जी.एस.संधु, प्रमुख शासन सचिव कंुजीलाल मीणा, स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव भवानी सिंह देथा, मुख्य नगर नियोजक आर.के. विजयवर्गीय, कोटा के वरिष्ठ नगर नियोजक महावीर मीणा, उदयपुर यूआईटी सचिव अरूण कुमार हसीजा ने भी अभियान के उद्देश्य एवं निकाय क्षेत्रों में किये गये नवाचारों, विभिन्न एक्ट व प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। प्रारंभ में नगर निगम मेयर जी.एस.टाक ने स्वागत उद्बोधन दिया।

नगरीय विकास मंत्री धारीवाल ने उदयपुर शहर को एक नई सौगात देते हुए उदयपुर के कानपुर इलाके में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए भूमि का पट्टा सौंपा। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव महेंद्र शर्मा को पट्टा सौंपते हुए मंत्री धारीवाल ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता को देखते हुए उदयपुर में 25 एकड़ जमीन पर शानदार अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए पट्टा सौंपते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। मुझे आशा है कि निर्धारित समय में यह स्टेडियम बनकर तैयार होगा और इससे राज्य की प्रतिभाओं को एक नया मंच मिलेगा।