पार्लियामेंट्री आईडी की गोपनीयता भंग करना बढ़ा सकता है महुआ की मुश्किलें

कोलकाता, 30 अक्टूबर | घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों में घिरीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसकी वजह है कि भारत सरकार के नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की ओर से सांसदों को मिलने वाली पार्लियामेंट्री आईडी पासवर्ड को दूसरों के साथ शेयर नहीं करने की सख्त हिदायत के बावजूद महुआ मोइत्रा ने इसकी गोपनीयता भंग की। महुआ खुद भी कई मौकों पर स्वीकार किया है कि उन्होंने दर्शन हीरानंदानी को अपनी आईडी और पासवर्ड दिया। दर्शन हीरानंदानी ने भी हलफनामा देकर यह बात स्वीकार कर ली है कि उन्होंने महुआ की आईडी और पासवर्ड को दुबई में इस्तेमाल किया, जब तृणमूल सांसद भारत में थीं। अपने हस्ताक्षरित हलफनामे में दर्शन हीरानंदानी ने कहा है कि महंगी विलासिता की वस्तुएं उपहार में दी गईं और महुआ मोइत्रा के आधिकारिक बंगले के नवीनीकरण पर सहमति बनी थी जिसके बाद से उन्होंने अपनी आईडी और पासवर्ड दिया। उसी में उनकी ओर से सवाल पोस्ट किए गए जिसे महुआ ने संसद में पूछा था। महुआ भी इस आरोप से इनकार नहीं कर रही हैं और नियम है कि एनआईसी जिस पर पूरी भारत सरकार और उसकी डिटेल है, उसकी जानकारी शेयर करने पर अपराधिक साजिश की धाराओं के तहत भी मामले दर्ज किए जा सकते हैं।

झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद से एथिक्स कमिटी मामले की जांच कर रही है। महुआ मोइत्रा 30 अक्टूबर के समन को दरकिनार कर चुकी हैं और अब उन्हें दो नवंबर को बुलाया गया है। दो नवंबर को अगर महुआ नहीं जाती हैं, तो उनके खिलाफक कड़े कदम भी उठाया जा सकते हैं। वैसे बंगाल विधानसभा सचिवालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर सोमवार को हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में बताया कि सरकार की पासवर्ड नीति में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि उपयोगकर्ता अपने व्यक्तिगत ईमेल आईडी और पासवर्ड को किसी और के साथ शेयर नहीं करेगा। उसके दुरुपयोग की जिम्मेवारी सीधे तौर पर सांसद की होगी। अधिकारी ने कहा कि संसदीय नीति सांसदों को यह सलाह देती है कि वह अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड किसी भी कर्मचारी के साथ साझा ना करें, क्योंकि इससे राष्ट्र की सुरक्षा भी जुड़ी रहती है। ऐसे में महुआ मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी दोनों की ओर से यह स्वीकार किए जाने कि संसदीय आईडी का इस्तेमाल दुबई में हुआ है, निश्चित तौर पर महुआ मोइत्रा के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाला होगा। निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म करने की मांग की है।