कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी की जमानत याचिका का सीबीआई ने किया विरोध

- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मांगा विस्तृत हलफनामा

नई दिल्ली, 16 नवम्बर । कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी की जमानत याचिका का सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई से इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से एएसजी माधवी दीवान ने कहा कि जनार्दन रेड्डी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इससे बेल्लारी में जांच के प्रभावित होने की आशंका है। जिन गवाहों को सुरक्षा मिली हुई है उन्हें भी धमकाया गया है और गाड़ियों को आग लगाया गया है। बेल्लारी में 47 गवाह रहते हैं , ऐसे में अगर रेड्डी को जमानत दी गई तो पता नहीं क्या होगा। पिछले अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अपने निकट सहयोगी की मांग के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दो दिनों के लिए बेल्लारी जाने की अनुमति दी थी। उसके पहले भी 7 जून को कोर्ट ने रेड्डी को अपने पिता को देखने के लिए दो हफ्ते के लिए बेल्लारी जाने की अनुमति दी थी।

सुप्रीम कोर्ट की जमानत की शर्तों के मुताबिक रेड्डी को बेल्लारी जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। अक्टूबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने रेड्डी को जमानत देते हुए ये शर्त लगाई थी कि वो अपने गृहनगर बेल्लारी नहीं जाएंगे । सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अपनी खनन कंपनी के मुख्यालय कडप्पा भी नहीं जाने का निर्देश दिया था । इसके अलावा कोर्ट ने बीस लाख के मुचलका और पासपोर्ट जमा करने भी निर्देश दिया था । कोर्ट ने जनार्दन रेड्डी को जांच में सहयोग करने और कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था । उनके खिलाफ अवैध खनन के मामले में मुकदमा दर्ज किया है जिसकी जांच सीबीआई कर रही है ।