मकर संक्रांति के पुण्य स्नान के साथ शुरू हुआ जयदेव मेला

हुगली, 14 जनवरी (हि.स.)। बीरभूम जिले के इलमबाजार ब्लॉक के जयदेव पंचायत के अंतर्गत जयदेव केंदुली ग्राम में अजय नदी के किनारे शुक्रवार को मकर संक्रांति के पुण्य स्थान के साथ ही जयदेव मेले की शुरुआत हो गई। कोरोना के चलते इस बार मेले में पहले की तरह लोगों का जनसमागम नहीं हुआ है। मेले में कोरोना प्रोटॉकल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

अजय नदी के किनारे राधविनोद मंदिर के चारों ओर यह मेला लगा है। मेले में कोरोना सेंटर के साथ ही कई जगह चेक पॉइंट भी बनाये गए हैं। राज्य के लघु उद्योग और वस्त्र मंत्री एवं स्थानीय विधायक चंद्रनाथ सिन्हा ने कहा कि इस बार प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकॉल को मानते हुए मेले को छोटे स्तर पर आयोजित करने का निर्णय किया है। परंपरा को बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है। उन्होंने बताया कि मेले में मास्क पहनकर आना अनिवार्य है। बाहर से आए लोगों को अजय नदी में स्नान करने की अनुमति नहीं है।

उल्लेखनीय है की 12वीं और 13वीं शताब्दी के समय जयदेव राजा लक्ष्मण सेन के दरबारी कवि थे। उन्होंने संस्कृत में गीत गोविंद की रचना की थी। जयदेव के प्रयासों से ही उस समय केंदुली सांस्कृतिक केंद्र बन गया था और बड़ी संख्या में यहां मठों की स्थापना हुई थी। बाद में बर्दवान की महारानी ब्रिज मकिशोरी ने वर्ष 1683 में यहां जयदेव के राधाविनोद मंदिर की स्थापना की थी। उसके बाद से ही प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के दिन यहां मेले का आयोजन होता है।