पूर्वोत्तर को आयुष सेक्टर में विकसित किया जाएगा: सर्बानंद सोनोवाल

पूर्वोत्तर को आयुष सेक्टर में विकसित किया जाएगा: सर्बानंद सोनोवाल

-पासीघाट में की कई परियोजनाओं की घोषणा

ईटानगर । केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी, जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को आयुष सेक्टर के रूप में विकसित करने का वादा करते हुए अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिला के पासीघाट से कई प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा की।

पासीघाट स्थित उत्तर पूर्वी आयुर्वेद और लोक चिकित्सा संस्थान अनुसंधान (एनईआईएएफ़एमआर) में बोलते हुए आज केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने आयुष के विकास के लिए 53.72 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। इसके जरिए संस्थान बुनियादी ढांचा को विकसित किया जाएगा। जिसके जरिए एनईआईएफएमआर परिसर में 30 विद्यार्थियों वाले एक नये आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना के साथ ही 60 बिस्तरों वाला आयुर्वेद अस्पताल स्थापित किया जाएगा।

एनईआईएफएमआर परिसर की मौजूदा क्षमता के अतिरिक्त 86 पद में एक अकादमिक ब्लॉक, एक पुरुष छात्रावास, बालिका छात्रावास, खेल परिसर आदि भी बनाने की योजना बनाई जा रही है। मीडिया से बातचीत में मंत्री सोनोवाल ने कहा, लोक चिकित्सा में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और विश्वासों का मिश्रण है। पूर्वोत्तर में हमारे पास लोक चिकित्सा की मजबूत संस्कृति है, जिसे वैज्ञानिक रूप से संरक्षित नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि वैदिक युग से औषधि का अद्भुत उपहार जो हमें प्रकृति ने दिया है, उसे अब हम संरक्षित करने के साथ-साथ इसे समृद्ध करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। मुझे नए आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यहां एक अस्पताल के साथ ही हम अपने प्रयास को और मजबूत करने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समृद्ध पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित और आगे बढ़ाने के लिए इस संस्थान के माध्यम से बल मिलेगा। इस क्षेत्र में हमारे आयुर्वेद कॉलेज के कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में रीजनल रॉ ड्रग रिपोजिटरी (आरआरडीआर) और संग्रहालय, परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरण की सुविधा (एसएआईएफ), अत्याधुनिक पंचकर्म उपचार और अनुसंधान केंद्र और पैरामेडिकल टीचिंग सेंटर स्थापित करने की योजना है। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री आलो लिवांग के साथ ही अन्य कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।