चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च की समीक्षा के लिए समिति गठित की

चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च की समीक्षा के लिए समिति गठित की

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (हि.स.)। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की बढ़ी संख्या, महंगाई और अन्य कारकों के चलते एक उम्मीदवार के प्रचार व्यय सीमा की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया है।

भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी व डीजी (इन्वेस्टीगेशन) हरीश कुमार और उप चुनाव आयुक्त व डीजी (व्यय) उमेश सिन्हा इस समिति के सदस्य होंगे।

आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पिछले 6 सालों के दौरान जहां एक ओर चुनाव खर्च की सीमा में बढ़ोतरी नहीं की गई है वहीं दूसरी ओर पिछले छह सालों में मतदाताओं की संख्या 83 करोड़ से बढ़कर 92 करोड़ हो गई है। इसके अलावा महंगाई दर में भी वृद्धि हुई है और इन्फ्लेशन इंडेक्स पिछले 6 सालों में 220 से बढ़कर 301 हो गया है।

आयोग के मुताबिक समिति देशभर के विभिन्न राज्यों में मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि और उन पर होने वाले खर्च का आकलन करेगी। वह चुनावों में उम्मीदवारों के प्रचार खर्च और उससे जुड़ी महंगाई का आकलन भी करेगी। इसके अलावा यह समिति राजनीतिक दलों और विभिन्न हितधारकों से उनके सुझाव लेगी। साथ ही चुनावी खर्च से जुड़े अन्य मुद्दों संबंधित विषयों की समीक्षा करेगी। यह समिति अपने गठन के 120 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए विधि एवं न्याय मंत्रालय ने चुनाव संचालन नियमावली,1961 के नियम 90 में संशोधन को नोटिफाई किया था। इससे वर्तमान खर्च सीमा में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ था। यह नियम त्वरित प्रभाव से लागू है और वर्तमान चुनावों में प्रभावी है। इससे पहले चुनावी खर्च के बारे में 2014 में समीक्षा की गई थी।