तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए चंदननगर के पूर्व पुलिस आयुक्त हुमायूं कबीर

तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए चंदननगर के पूर्व पुलिस आयुक्त हुमायूं कबीर

ओम प्रकाश

कोलकाता, 09 फरवरी । कुछ दिनों पहले ही चंदननगर पुलिस कमिश्नर के पद से इस्तीफा देने वाले आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने आखिरकार तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। कालना में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जनसभा में मंगलवार को उन्होंने पार्टी का दामन थामा। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें तृणमूल कांग्रेस का ध्वज थमाया है।

गत 28 जनवरी को हुमायूं कबीर ने अपना इस्तीफा सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा था। उसके बाद से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई थीं। कबीर तेजतर्रार अधिकारियों में गिने जाते थे और अपराध दमन के साथ-साथ साहित्य में भी उनकी रूचि रही है। आए दिन अखबारों में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर वह आलेख लिखते रहे हैं।

2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक रहते समय दुष्कर्म के एक मामले में भी संदिग्ध हुए थे। 2018 में पंचायत चुनाव के दौरान उन पर सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मदद के आरोप लगे थे जिसकी वजह से चुनाव आयोग ने उन्हें पद से हटा दिया था। उसके बाद उन्हें बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट में मुख्यालय में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात किया गया था। वहां से कोलकाता पुलिस में प्रशासनिक विभाग का संयुक्त आयुक्त बनाया गया था। उसके बाद हुमायूं कबीर चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट में कमिश्नर के पद पर तैनात हुए थे।

हाल ही में हुगली के चंदननगर में ममता बनर्जी का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी की रैली हुई थी जहां कुछ लोगों ने गद्दारों को गोली मारो के नारे लगाए थे। इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसकी वजह से सोशल मीडिया पर हुमायूं कबीर की कुछ लोग आलोचना कर रहे थे। इसकी वजह यह थी कि इसी तरह के नारे कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की रैली में लगाए गए थे लेकिन वहां किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इसलिए हुमायूं कबीर को भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करने की वजह से लगातार सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा था।

अब जबकि उन्होंने राजनीतिक पारी शुरू की है तो देखने वाली बात होगी कि तृणमूल में उनकी क्या भूमिका रहती है। सूत्रों ने बताया है कि वह विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं। हालांकि कहां से बनाए जाएंगे इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।