बाड़मेर में कुआं दबने से मरे दोनों मजदूरों के शव देर रात निकाले

बाड़मेर में कुआं दबने से मरे दोनों मजदूरों के शव देर रात निकाले

बाड़मेर, 08 जनवरी। गडरारोड तहसील क्षेत्र के रोहिड़ाला गांव में गुरुवार शाम 4 बजे ओपन वैल (कुएं) की खुदाई के दौरान फरमा बांधते समय रेत खिसकने से दबे दो श्रमिकों के शव बीती रात 8 घंटे चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिए गए। करीब 40 फीट की गहराई पर दबे श्रमिकों को निकालने के लिए मशीनों से खुदाई का काम चलता रहा। बालू रेत होने से खुदाई के दौरान पूरा कुआं ही ढह गया।

जिले में गुरुवार शाम को निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी के ढह जाने से 4 मजदूर aदब गए थे। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। कुएं में दबे 4 मजदूरों में से दो को तो ग्रामीणों ने तुरंत ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो अन्य को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
हादसा ऐसी जगह हुआ, जहां मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है। ऐसे में आसपास के टीबे पर चढ़ कर लोगों ने पुलिस और प्रशासन को भी हादसे की सूचना दी। इसके बाद एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी आनंद शर्मा ने बताया कि गुरुवार को रोहिड़ाला गांव में कुआं खुदाई कर रहे थे। धोरों में खोदे जा रहे इस कुएं की रेत अचानक खिसक गई। इससे 40 फीट खोदा कुआं ढह गया। हादसे में केवाराम पुत्र भोजाराम, बालमराम पुत्र मंछाराम कुएं में दब गए। इस दौरान कुएं के बाहर बैठे दो मजदूर भी रेत के साथ खिसक गए।

गनीमत रही कि ये दोनों 2 फीट तक ही रेत में दबे थे, जैसे-तैसे उन्होंने ग्रामीणों की मदद से अपनी जान बचाई। सूचना मिलने पर थानाधिकारी ओमप्रकाश, एसडीएम, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। रस्सियां व सीढिय़ों के सहारे लोग गड्ढ़े में उतरे और बालू रेत में श्रमिकों को ढूंढ़ा। इसके बाद 15 फीट की खुदाई पर एक श्रमिक बालमराम का शव निकाला। इसके बाद 40 फीट पर दबे केवाराम को निकालने के प्रयास शुरू किए गए। रात तक बचाव कार्य चलता रहा। देर रात बचाव कार्य में जुटी टीम ने दूसरे मजदूर का शव निकाला। बालू रेत के कारण बचाव कार्य में जुटी टीम को भी काफी परेशानी हुई।
पिछले एक-दो साल में रोहिड़ी तथा सुंदरा इलाके में मीठा पानी निकलने के बाद कई कुओं की खुदाई हुई है। ऐसे में अब किसान कुओं को खुदवा रहे हैं। इसी कड़ी में रोहिड़ाला में कुआं खोदा जा रहा है। एक फरमा भरने के बाद दूसरे फरमे की खुदाई की जा रही थी, लेकिन गीले फरमे के कारण बालू रेत अचानक खिसक गई। इस दौरान बाहर बैठे लोग भी रेत के साथ अंदर गिर गए। दो ने भाग कर जान बचाई, जबकि दो मजदूर दब गए।