मुख्यमंत्री ने 34 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने 34 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

उदयपुर 12 मई । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को उदयपुर संभाग मुख्यालय स्थित रवींद्र नाथ टैगोर, चिकित्सा महाविद्यालय (आरएनटी मेडिकल काॅलेज) में विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं व टेलिमेडिसीन सुविधाओं के लोकार्पण के साथ अत्याधुनिक वार्ड निर्माण का शिलान्यास कर उदयपुरवासियों को ऐतिहासिक सौगात दी।

गहलोत ने लगभग 21.99 करोड़ रुपये के 6 विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं 12 करोड़ रूपए की लागत के कार्य का शिलान्यास किया। इसमें करीब 15.26 करोड़ की लागत वाली अत्याधुनिक 3.0 टेसला एमआरआई मशीन, 2 करोड़ रूपए की लागत से महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में ऑटोप्सी ब्लॉक निर्माण, महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में 2.8 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेडेड पीआईसीयू, 1.44 करोड़ की लागत से 50 बेडेड आईसीयू, 50 लाख रुपये की लागत से सैटेलाइट हाॅस्पिटल हिरन मगरी उदयपुर में लेबोरेटरी एवं वार्ड निर्माण, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से छह खनन क्षेत्रों में टेलिमेडिसिन सुविधाओं की शुरुआत आदि कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 12 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में 200 बेडेड प्रि-फेब्रिकेटेड स्ट्रक्चर वार्ड निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।

गहलोत ने आरएनटी मेडिकल काॅलेज के सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर तबके के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है। जरूरतमंद व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क मिले इसके लिए तकनीकी नवाचारों के साथ सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने आरएनटी के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल काॅलेजों में भी इसी तरह के विकाय कार्य करवाएं जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पूर्ण समर्पण के साथ दी गई सेवा के लिए उनके पास कोई शब्द नहीं है, जिससे उनका धन्यवाद जाहिर कर सकें। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना काल में जब परिजन भी मरीजों के पास जाने से घबरा रहे थे, उस समय निर्भीक होकर निःस्वार्थ भाव से जो सेवा कार्य किया है, वह सम्मान योग्य है। कोरोना में प्रदेश को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अपनी महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। हमें आज भी जागरूक रहने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर नर्सिंग कर्मियों को शुभकामना देते हुए उन्हें नर्सिंग अधिकारी का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि आज से आप सभी नर्सिंग अधिकारी हो। अब आपका दायित्व और अधिक बढ़ गया है। सरकार की ओर से दी जा रही निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचे, इसके लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ को हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शैक्षिक नवाचारों को बढ़ावा देते हुए शिक्षा को सुदृढ़ बनाया गया है। आज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की स्थापना कर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही है। विगत तीन वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में महाविद्यालय की स्थापना की गई है और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न कन्या महाविद्यालय भी खोले गये हैं।