​कांग्रेस ने किसान विजय दिवस पर आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों को दी श्रद्धांजलि

​कांग्रेस ने किसान विजय दिवस पर आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों को दी श्रद्धांजलि

जयपुर, 20 नवंबर । केन्द्र सरकार द्वारा तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करने पर शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जयपुर स्थित सिविल लाईन्स फाटक पर किसान आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सभा आयोजित कर किसान विजय दिवस मनाया गया। किसान विजय दिवस के अवसर पर आयोजित सभा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी अजय माकन, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा सहित मंत्री, विधायक/प्रत्याशी, सांसद/प्रत्याशी, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सभा को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि काले कानूनों की वापसी देश के अन्नदाता किसानों की जीत है, भारत माता के सपूतों की जीत है तथा प्रधानमंत्री मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के अहंकार की हार है। उन्होंने कहा कि चुनावों में बड़े-बड़े उद्योगपतियों से चंदा लेने पर बंद कमरों में किसानों के विरूद्ध षड्यंत्र किए गए। किसान कानूनों की वापसी के साथ यह लड़ाई समाप्त नहीं हुई है बल्कि प्रारम्भ हुई है। यह विजय हमारे संघर्ष की पहली सीढ़ी है जिसके तहत् मोदी सरकार का किसानों के विरूद्ध षड्यंत्र विफल किया गया है लेकिन किसानों से जो वादे पीएम मोदी ने किए थे उन्हें पूरा करवाने के लिए संघर्ष अभी शेष है। अब कांग्रेस पार्टी आमजनता के बीच जाकर मोदी सरकार की सच्चाई उजागर करने का अभियान चलाएगी जिसके तहत् मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं उद्योगपति मित्रों के फायदे के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी कांग्रेस को मिटाना चाहते है, धर्म के नाम पर भाई से भाई को लड़वाना चाहते है तथा किसानों को समाप्त करना चाहते है, यह बात जन-जन तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादों को केन्द्र सरकार से पूरे करवाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता कमर कस संघर्ष करेंंगे तथा 2024 में मोदी सरकार को ऊखाड़ फेंकने का काम करेंगे। दुनिया जानती है कि कांग्रेस पार्टी ने 70 वर्ष में अपने लिए कुछ नहीं किया और देश के लिए ही कार्य किया है जबकि भारतीय जनता पार्टी के 7 वर्ष के शासन में ही दिल्ली में 100 करोड़, शहरों में 10-15 करोड़ तथा ब्लॉक स्तर पर 5 करोड़ के दफ्तर काले धन की सहायता से बने है।

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने कहा कि आज राजस्थान सहित पूरे देश में लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता किसान विजय दिवस मना रहे है। उन्होंने कहा कि तीन काले कृषि कानूनों की वापसी किसानों के संघर्ष की जीत है। आंदोलन में 700 से अधिक किसान शहीद हुए, उनकी शहादत को नमन करते हुए किसान विजय दिवस मना रहे है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि देश के इतिहास के पन्नों में यह लिखा जाएगा कि प्रधानमंत्री को आज देश की जनता से माफी मांगनी पड़ी है। राहुल गांधी ने देश के सामने जो भी बातें रखी है वो पूरी हुई है। यदि सत्ता में बैठी केन्द्र सरकार का लोकतंत्र में विश्वास होता तो एक वर्ष से अधिक समय से देश का किसान को अपनी मांगों को मनवाने के लिए सडक़ों पर नहीं बैठना पड़ता। आजादी के बाद पहली बार है कि अन्नदाता को अपनी मांग मनवाने के लिए इतना लम्बा संघर्ष करना पड़ा। पीएम मोदी को गलतफहमी थी कि दिल्ली के केवल तीन बॉर्डर पर किसान बैठे है जबकि उन्हें यह सच्चाई मालूम नहीं थी कि यह सभी देशभर के किसानों के प्रतिनिधित्व कर रहे है। उन्होंने कहा कि दु:ख का विषय है कि किसान आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की जान चली गई। भाजपा नेताओं ने किसानों एवं उनके आंदोलन को लेकर अनर्गल बयानबाजी करते हुए कई तरह के आरोप लगाए किंतु कभी यह नहीं सोचा कि इन बातों से देश के अन्नदाता और उनके परिजनों को कितनी पीड़ा होती होगी। अब यूपी, पंजाब सहित अन्य राज्यों में चुनाव होने है इसलिए केन्द्र सरकार डरी हुई है। पिछले चुनावों में तो उन्होंने धोखे से सरकारें बना ली। मणिपुर, गोवा समेत कई राज्यों में कांग्रेस के बहुमत के बावजूद भाजपा ने सरकार बना ली किंतु अब इनकी हालत खराब है जिस कारण प्रधानमंत्री खुद यूपी में 3 दिन के लिए डेरा डाल रहे है। भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश में कांग्रेस के बहुमत वाली सरकारों को गिरा दिया किंतु जनता के आशीर्वाद वाली राजस्थान की कांग्रेस सरकार को गिराने में सफल नहीं हो सके।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं किंतु उन्हें यह जानना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी देश में विचारधारा की लड़ाई लड़ती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी गुमराह कर सत्ता हासिल करती है। धर्म के नाम पर आग लगाना आसान है लेकिन बुझाना मुश्किल है। धर्म पर राजनीति करने वाली भाजपा सत्ता प्राप्ति का घमण्ड करती है जबकि यदि हिम्मत है तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जो अपने आप को सांस्कृतिक संगठन बताने का नाटक करता है एवं भाजपा का आवरण पहन राजनीति करता है, खुद भाजपा को अपने में विलय कर चुनाव लड़े जिससे दो विचारधाराओं का आमना-सामना हो सकेगा।