स्वाधीनता दिवस: एसएमएस स्टेडियम ने सीएम ने किया झंडारोहण, कहा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को रेवड़ी कहना गलत

स्वाधीनता दिवस: एसएमएस स्टेडियम ने सीएम ने किया झंडारोहण, कहा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को रेवड़ी कहना गलत

जयपुर, 15 अगस्त । प्रदेश में 76वां स्वाधीनता दिवस सोमवार को धूमधाम और हर्षोंल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुख्य समारोह जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में मनाया गया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रातः करीब सवा नौ बजे स्टेडियम में झंडारोहण कर भव्य समारोह की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में लोक कलाकारों और छात्र छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। साथ ही डॉग शो, पुलिस एवं सेना और एमजीडी स्कूल बैंड ने प्रदर्शन किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सुबह नौ बजे अमर जवान ज्योति पर शहीदों को नमन कर चक्र अर्पित किया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आजादी के अमृत महोत्सव के 75 वर्ष और 76वें स्वाधीनता दिवस समारोह पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देते हुए कहा कि स्वाधीनता दिवस का अमृत महोत्सव युवा पीढ़ी को समर्पित होना चाहिए। देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत कुर्बानियां दी हैं। देश को आजाद कराने में जो शहीद हुए हैं, युवा पीढ़ी उन्हें याद रखे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेवड़ी वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को रेवड़ी कहना गलत है। विदेशों में बुजुर्गों को वीकली पैसा मिलता है। हमें सामाजिक सुरक्षा पर तो जोर देना ही होगा। राजस्थान में सामाजिक क्षेत्र में अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। राजस्थान सरकार की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। राज्य ने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में इतिहास रचा है। मैं प्रधानमंत्री जी से आग्रह करूंगा कि वे चिकित्सा के क्षेत्र में देश भर में चिरजीवी योजना जैसा माडल अपनाए जिससे देश के प्रत्येक नागरिक को सर्वसुलभ और मुफ्त इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री ने छुआछूत की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी इस तरह की घटनाओं का सामने आना समाज पर कलंक हैं। धर्म की बात करने वाले इसे मिटाने के लिए अभियान चलाएं। जो धर्म के नाम पर देश बनाने वाले पाकिस्तान का उदाहरण देख लें। मुस्लिम धर्म के नाम पर अलग पाकिस्तान बना, लेकिन उसके भाषा के नाम पर दो टुकड़े हो गए। धर्म के नाम पर देश की कल्पना करने वाले और एक धर्म की बात करने वाले पहले पाकिस्तान का उदाहरण देख लें। पाकिस्तान एक धर्म होने के बावजूद बांग्लादेश बन गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हो, सोवियत संघ या चकोस्लोवाकिया हो, दर्जनों देशों के टुकडे हो गए, लेकिन हमारे देश के मजबूत संविधान के कारण हम आज भी एक हैं।

उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज मैंने 14वीं बार तिरंगा फहराया है, मेरे लिए यह गर्व की बात है।प्रदेशवासियों ने मुझे इसका मौका दिया है। मैंने भी गरीब को गणेश मानकर काम किया है और आगे भी करेंगे। इस बार मानसून अच्छा आया है, खुशनुमा माहौल है। यह खुशनुमा माहौल लोगों दिलों में भी हो। यही खुशनुमा माहौल सभी प्रदेशवासी दिलों में उतार लें। हमने कोई कमी नहीं रखी है।