पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन अब एक सप्ताह में होगा

पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन अब एक सप्ताह में होगा

जयपुर, 12 अक्टूबर । मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा है कि पासपोर्ट एक अति महत्वपूर्ण नागरिक दस्तावेज है, जिसको जारी करने से पहले हर पहलू की जांच करना जरूरी है। एम-पासपोर्ट एप के माध्यम से सूचना तकनीक का उपयोग कर इस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे नागरिकों को लम्बी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

आर्य ने मंगलवार को शासन सचिवालय के सभागार में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तथा राज्य के गृह विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एम-पासपोर्ट एप का शुभारम्भ किया। प्रदेश के सभी पुलिस थानों को एप से जोड़ कर मैपिंग कर दी गई है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन एक अहम चरण है, जिस पर सूचना संकलन और डाटा संधारण करने का काम बहुत संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।

स्वागत उद्बोधन ने प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार ने एम-पासपोर्ट एप की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय तथा गृह विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस एप में पुलिस सत्यापन के लिए अधिकतर सवालों का जवाब हां या नहीं में रिकॉर्ड किया जाता है। यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक है। इसके शुरू होने से पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन की अवधि दो सप्ताह से घटकर एक सप्ताह हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुछ जगहों पर पायलट रन के बाद अब इसे पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रभात कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में एम-पासपोर्ट एप के उपयोग से भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट प्राप्त करना तो आसान होगा ही, विदेश में रह रहे भारतीयों तथा भारतीय मूल के लोगों के लिए पुलिस क्लीयरेन्स सर्टिफिकेट प्राप्त करने में भी यह एप उपयोगी होगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार डीजी लॉकर सुविधा को भी प्रचारित कर रही है, जिससे लोगों को विदेश यात्रा के दौरान अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज को हर समय साथ रखने की आवश्यकता से छूट मिल सके।

पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेन्स उमेश मिश्रा ने बताया कि एम-पासपोर्ट सुविधा के बेहतर परिणाम के लिए पासपोर्ट तथा पुलिस अधिकारियों के समंवित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस सत्यापन में लगने वाले समय को कम करने के लिए कांस्टेबल स्तर तक पुलिस कार्मिकों का क्षमता संवद्र्धन किया जा रहा है। इस सुविधा से पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में पुलिस की सेवा गुणवत्ता में सुधार आएगा।