चक्रवात असनी का असर हुआ कमजोर, 44 के पार पहुंचा पारा

चक्रवात असनी का असर हुआ कमजोर, 44 के पार पहुंचा पारा

कानपुर, 13 मई । समुद्री चक्रवात असनी का असर कमजोर हुआ है जिससे बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं रुक गई। इससे कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में एक बार फिर तापमान बढ़ने लगा और पारा 44 के पार पहुंच गया। मौसम विभाग का कहना है कि तापमान बढ़ने से एक बार फिर लोगों को लू का सामना करना पड़ेगा। हालांकि इस बार मानसून जल्दी आएगा जिससे जून माह में लोगों को भीषण गर्मी से कुछ निजात मिल सकती है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एस एन सुनील पाण्डेय ने शुक्रवार को देश भर में बने मौसमी सिस्टमों को बताया कि एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र तटीय आंध्र प्रदेश पर बना हुआ है, जो औसत समुद्र तल से 5.8 तक फैला हुआ है। एक अन्य चक्रवात परिसंचरण मध्य प्रदेश का उत्तर पश्चिमी भागों के ऊपर है। एक ट्रफ रेखा पश्चिम मध्य प्रदेश पर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से बिहार तक फैली हुई है। एक और ट्रफ रेखा बिहार से उड़ीसा तक जा रही है। 16 मई से पश्चिमी हिमालय के पास एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है।

बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के रुकने से अचानक पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया और शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 65 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 15 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 6.8 किमी प्रति घंटा रही।

बताया कि भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान साफ रहने के साथ गर्मी बढ़ने और लू के चलने के भी आसार हैं। लोगों को हीट वेव का सामना करना पड़ सकता है वर्षा की कोई संभावना नहीं है तथा दिन का तापमान अधिक एवं हवाओं की गति तेज रहने के आसार हैं। ऐसे में किसान भाई खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई 7-8 दिन के अन्तराल पर सायं काल के समय करें।