बिलखेत नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवलः ट्रेल रनिंग में इंडियन आर्मी के जवान पहुंचे सबसे पहले

बिलखेत नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवलः ट्रेल रनिंग में इंडियन आर्मी के जवान पहुंचे सबसे पहले

- ट्रेल रनिंग में युवा धावकों में दिखा खासा उत्साह

दधिबल यादव

देहरादून/पौड़ी 20 नवम्बर (हि.स.)। पौड़ी जनपद के सतपुली, बिलखेत क्षेत्र में चार दिवसीय नयार वैली एडवेंचर स्पोटर्स फेस्टिवल 2020 का दूसरा दिन काफी रोमांच से भरा रहा। फेस्टिवल के दूसरे दिन शुक्रवार को छावनी शहर लैंसडौन से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पैतृक गांव खैरासैंण के लिए 22 धावकों ने ट्रेल रनिंग में भाग लिया। सुबह 8 बजे लैंसडाउन में गांधी चौक से कमांडेंट जीआरआरसी ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में ट्रेल रनिंग प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

ट्रेल रनिंग में गढ़वाल राइफल के 12 जवान, बीएसएफ के 6 जवान और बिलखेत के 3 तथा बूंगा के 4 स्थानीय युवाओं ने प्रतिभाग किया। ट्रेल रनिंग लैंसडाउन में गांधी चौक से शुरू हुई और देहलिखाल- चुंड़ई- पीड़ागांव- कंडाखाल-हन्डोल से होते हुए खेरासैण में समापन हुआ। इसमें सबसे पहले गढ़वाल राइफल के जवान मनमोहन पहुंचे। ट्रेल रनिंग पूरी करने के बाद युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। ट्रेल रनिंग में सबसे पहले पहुंचे गढ़वाल राइफल के जवान मनमोहन ने बताया कि ट्रेल रनिंग में मैंने पहली बार हिस्सा लिया। इससे पहले रोड पर ही रनिंग की थी। आज ट्रेल रनिंग में जंगलों के रास्ते के बीच से रनिंग करना रोमांचकारी रहा। ट्रेल रनिंग समन्वयक दीपक दलाल ने कहा कि आज की ट्रेल रनिंग में सभी धावक खैरासैण पहुंचे जहां से गाड़ी के माध्यम से धावकों को बेस कैम्प बिलखेत भेजा गया, जहां से कल की ट्रेल रनिंग शुरू होगी ।

माउंटेन ट्रैकिंग बाइकर्स प्रतियोगी दूसरे दिन शुक्रवार को प्रातः 9 बजे बिलखेत से साइकिलिंग घंडियाल एवं रांसी स्टेडियम मैदान होते हुए परसुंडाखाल के लिए रवाना हुए। इससे पूर्व पहले दिन गुरुवार को लैंसडौन में क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह रावत ने सभी माउंटेन ट्रैकिंग बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर तीन दिवसीय साइकिलिंग प्रतियोगिता के लिए रवाना किया था। आज दूसरे दिन सभी माउंटेन ट्रैकिंग बाइकर्स परसुंडाखाल में विश्राम करेंगे।

नयारघाटी एडवेंचर स्पोर्ट्स फेस्टिवल प्रतियोगिता में पैराग्लाइडिंग की प्रतियोगितात्मक उड़ानों में 52 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अभी तक कुल 150 उड़ानें भरी गयीं जबकि 10 टेंडम उड़ानें भी भरी गयीं, जिनमें पायलट के साथ एक-एक अन्य व्यक्ति भी उड़ान में शामिल होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां अन्तरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है। यह घाटी इस साहसिक खेल के लिए नयी खोज के रूप में देखी जा रही है। पैराग्लाइडर विशेषज्ञों के अनुसार नयार घाटी पैराग्लाइडिंग के लिए बहुत ही बेहतरीन साइट है। देशभर से आये पैराग्लाइडर पायलट यहां पहुंच कर बहुत रोमांचित हैं और अपनी प्रतियोगता में प्रतिभाग कर रहे हैं।

प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड राज्य के साथ ही हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, बंगाल और नेपाल से आए 80 पैराग्लाइडर्स ने पंजीकरण कराया है। महोत्सव के तहत पैराग्लाइडिंग के अलावा पैरामोटर्स, हैंग ग्लाइडर व ड्रोन का प्रदर्शन विशेषज्ञों की ओर से किया जाएगा। इस अवसर पर पौड़ी के डीटीडीओ खुशहाल सिंह नेगी, विनय कुमार, पैराग्लाइडिंग विशेषज्ञ मनीष जोशी, मयंक घिल्डियाल, ग्रुप केप्टन आलोक चटर्जी और अजय कंडारी सहित कई लोग मौजूद रहे।