योगी सरकार के 100 दिन : रोजगार के क्षेत्र में भी गढ़े कीर्तिमान

योगी सरकार के 100 दिन : रोजगार के क्षेत्र में भी गढ़े कीर्तिमान

लखनऊ, 04 जुलाई । उप्र की योगी सरकार-02 ने अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान ही अगले पांच वर्षों की रूपरेखा तैयार कर दी है। इस दौरान सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। उनमें से एक युवाओं को नौकरी देने और रोजगार को मजबूती प्रदान करने के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का उद्यमियों को ऋण प्रदान करना शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के सौ दिन पूरे होने पर सोमवार को यहां लोकभवन में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश में दशकों बाद औद्योगिक वातावरण देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश में भी निवेश हो सकता है, उद्योग लग सकता है, यह 2017 के पहले एक सपना था। यह सपना आज हकीकत में बदल रहा है। यही नहीं, हमने अनेक ऐसे कार्य किए, जिसके माध्यम से न केवल औद्योगिक विकास के कार्यक्रम तेजी के साथ आगे बढ़ सके, बल्कि इससे रोजगार की संभावनाओं को एक नई ऊंचाईयां प्रदान कर सके।

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम 80 हजार करोड़ का निवेश

उन्होंने कहा कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी तृतीय में 80 हजार करोड़ की लागत से जो उद्योग लग रहे हैं। इससे पांच लाख प्रत्यक्ष रोजगार और 20 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा। इन सौ दिनों में सरकार ने प्रदेश में 10 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां भी दी हैं। गृह विभाग के माध्यम से हमने जो 10 हजार नौकरी देने का लक्ष्य रखा था, उसे पूरा किया। स्वत: रोजगार से जोड़ने के साथ वृहद ऋण मेला के माध्यम से एक लाख 90 हजार उद्यम को 16 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किया गया।

यही नहीं, पूरे वर्ष का भी एक लक्ष्य रखा है कि दो लाख 35 हजार करोड़ रुपये के ऋण नौजवानों को देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता इस बात से स्पष्ट हो जाती है कि हमने अपने पहले ही बजट में 2022 के विधानसभा चुनाव की दृष्टि से प्रदेश के विकास, लोक कल्याण और गरीब कल्याण के लिए 130 संकल्प लिए थे, उनमें से 97 संकल्पों को प्रदेश की जनता और संवृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बहुत स्पष्ट कर दिया है। शेष संकल्पों को भी अगले दो वर्षों में व्यवस्थित तरीके से पूरा करेंगे।

सरकारी नीतियों के कारण घटी बेरोजगारी दर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले पांच साल में प्रदेश की जीडीपी में लगभग दुगुनी वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय में भी दुगुने की वृद्धि हुई है। इस दौरान हमने प्रदेश के बजट को भी दुगुना बढ़ाया है। सीएमईआई के ताजा डेटा के अनुसार प्रदेश में 2016-17 में बेरोजगारी दर 18 फीसदी के आसपास थी, आज वह घटकर 2.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसकी मुख्य वजह औद्योगिक निवेश, सरकार की ओर से दी जाने वाली सरकारी नौकरियां, ओडीओपी की अभिनव योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और तमाम योजनाओं को आगे बढ़ाने का परिणाम है।

ओडीओपी ने प्रदेश को एक्सपोर्ट का हब बनाया

योगी ने कहा कि सरकार ने 2018 में अपने स्थापना दिवस पर एक जनपद, एक उत्पाद की अपनी अभिनव योजना लागू की थी। उस समय बहुत सारे लोग कहते थे कि इससे क्या होगा ? प्रदेश सरकार के कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति को लागू करने के फलस्वरूप 21 सेक्टोरियल स्कीम को लागू करने के बाद, जो कार्यक्रम हमने आगे बढ़ाए, आज उसके बेहतरीन परिणाम हमारे सामने हैं। ओडीओपी ने प्रदेश को एक्सपोर्ट का हब भी बनाया है। इस वर्ष एक्सपोर्ट एक लाख 56 हजार करोड़ का है। 2016-17 में यह करीब 80 हजार करोड़ रुपये के आसपास था। प्रदेश में परंपरागत उत्पाद और इसके माध्यम से रोजगार की तमाम संभावनाएं भी आगे बढ़ीं हैं।

आगरा, कानपुर और गोरखपुर में फ्लेटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स परियोजना हुई शुरू

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्ग दर्शन में 80 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें 1400 से अधिक परियोजनाएं कवर हो रही हैं। प्रदेश में पहली बार उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर स्थापित करने का हब बन रहा है। 15 हजार 950 करोड़ से अधिक के लागत से चार नए डाटा सेंटर स्थापित हो रहे हैं। इसमें चार हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन सौ दिनों में मेडिकल डिवाइस पार्क का शिलान्यास भी हुआ है। पहली बार आगरा, कानपुर और गोरखपुर में फ्लेटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स परियोजना को शुरू किया।