बांदा डीएम के कार्यों से मन 'बागवां,' ध्वस्त कराई अवैध प्लाटिंग।

बांदा डीएम के कार्यों से मन 'बागवां,' ध्वस्त कराई अवैध प्लाटिंग।

विनोद मिश्रा

बांदा। प्रशासानिक पिच पर अपनी प्रशासनिक कौशल का जलवा बिखेर रहे जिलाधिकारी आनन्द कुमार गजब के रोल में हैं। उनकी कुशलता हर गैर कानूनी कार्यो में कठोर दण्डनात्म्क कार्यवाई के रूप में दिखाई देती है। अब अवैध प्लाटिंग करने बालों के लिये भी वह आफत का सबब बन गये हैं।उनके कार्यों से जनता का मन बागबां हो उठा है।

अब हम आपको डीएम की अवैध प्लाटिंग के खिलाफ तत्परता का उदाहरण बता रहें हैं। जिलाधिकारी आनन्द सिंह के निर्देश पर गुरुवार को विकास प्राधिकरण नें अवैध प्लाटिंग ध्वस्त करनें का अभियान चलाया तो खलबली मच गयी। डीएम के निर्देश पर इस अभियान का नेतृत्च सिटी मजिस्ट्रेट सुरेन्द्र सिंह ऩे किया।दिनेश कुमार अग्रवाल और मोवीन आदि की प्लाटिंग ध्स्वत कर दी।

मालूम हो कि चहितारा निवासी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने मंडलायुक्त गौरव दयाल को शिकायती पत्र के माध्यम से अवैध प्लाटिंग का मामला संज्ञान में लाया था। डीएम सिंह ने ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार एवं नगर मजिस्ट्रेट सुरेन्द्र सिंह को तत्काल मौके पर भेजकर मामले की जांच करायी। जांच में पाया गया कि कताई मील के समीप गाटा संख्या-5310 में आवास प्लाटिंग करायी जा रही है। गाटा संख्या-5307, 5309, 5308, 5299 व 5189 आदि में बन्दोबस्ती नक्शा नया स्थापित किया गया है। प्रापर्टी डीलर हुकुमचन्द्र गुप्ता यह कार्य करा रहा है। बृजेश का आरोप है कि उसकी और अन्य कास्तकारों की भूमि पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। जांच में शिकायत सही पाये जाने पर जिलाधिकारी सिंह के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट ने मयफोर्स के साथ मौके पर पहुंच अवैध प्लाटिंग ध्वस्त करा दी। उनके दल में सहायक अभियन्ता वीके ओझा, अवर अभियन्ता शैलेन्द्र कुमार, एसबी त्रिपाठी, डीके मित्तल एवं रवीन्द्र प्रकाश गुप्ता शामिल रहे। निशान बंदी के पिलरों को ध्वस्त किया गया।डीएम आंनद सिंह की इस तरह कार्यो की कुशलता जनता का मन बागवां किये हुये है।