गंगा समग्र गुरुपूर्णिमा से शुरू करेगा पौधरोपण अभियान : रामाशीष

गंगा समग्र गुरुपूर्णिमा से शुरू करेगा पौधरोपण अभियान : रामाशीष

अयोध्या, 22 जून । नदियों के लिए समर्पित संगठन गंगा समग्र गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए सहायक नदियों एवं तालाबों के पुनरुद्धार के साथ ही पौधरोपण के लिए अभियान चलाएगा। यह अभियान आगामी गुरुपूर्णिमा से रक्षाबंधन तक चलाया जाएगा।

अयोध्या स्थित श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ में हुई दो दिवसीय चिंतन बैठक के बाद राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने बुधवार को कहा कि गंगा जी समाज के लिए पूजनीय भी हैं और उपयोगी भी। इसी धारणा के तहत गंगा समग्र अपने काम में लगा है। गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए आवश्यक है कि उसकी सहायक नदियों की दशा भी सुधारी जाए। सहायक नदियों की हालत ठीक नहीं है। उन पर जगह-जगह अवैध कब्जे हो गए हैं। रेत एवं मिट्टी भरने से उनकी गहराई भी कम हो गई है। इससे उनकी जलधारण क्षमता तो कम हुई ही है जल के प्राकृतिक स्रोत भी बंद हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा समग्र सहायक नदियों को कब्जामुक्त करने के साथ ही उन्हें और गहरा करने के लिए अभियानपूर्वक काम करेगा। सहायक नदियों के किनारे सघन पौधरोपण भी किया जाएगा। संगठन के विभिन्न 15 आयाम आपसी समन्वय के साथ इस अभियान में लगेंगे। घाट साफ सुथरे रहें, इसके लिए घाटों की समितियां बनाई जा रही हैं। समाज जागरण के लिए प्रमुख घाटों पर आरती के कार्यक्रम किए जा रहे हैं।

रामाशीष ने बताया कि गंगा समग्र आगामी गुरुपूर्णिमा से रक्षाबंधन तक पौधरोपण अभियान चलाएगा। इसी तरह सितंबर महीने में विश्व नदी दिवस पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जाकर नदी की महत्ता पर कार्यक्रम किए जाएंगे। गंगा नदी चार नवंबर को राष्ट्रीय नदी घोषित हुई थी। इस दिन देशभर में गंगा महोत्सव मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रम होंगे। इसी तरह माघ कृष्ण नवमी को गंगा पुत्र भीष्म पितामह की जयंती के अवसर पर संकल्प दिवस मनाया जाएगा। गंगा समग्र के कार्यकर्ता हर वर्ष इस दिन आगामी वर्ष के लक्ष्य तय कर गंगा समेत सभी नदियों को दुर्दशा से मुक्त करने का संकल्प लेते हैं।

उन्होंने कहा कि बहुत सी छोटी सदानीरा नदियां अब सिर्फ बरसाती बनकर रह गई हैं। वर्षा जल संचयन और सघन वन इन नदियों के लिए जीवनदायक हैं। गंगा समग्र इन नदियों के प्रवाह मार्ग के आसपास के पुराने तालाबों के पुनरुद्धार, नए तालाब-सरोवर खुदवाने के साथ ही सघन वन विकसित करने के लिए जनजागरण कर रहा है। नदियों के किनारे जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।

इससे पहले चिंतन बैठक में 20 से 23 अगस्त तक प्रस्तावित राष्ट्रीय अभ्यास वर्ग की तैयारियों पर चर्चा की गई। 20 अगस्त से अयोध्या में होने जा रहे अभ्यास वर्ग में देशभर के कार्यकर्ता शामिल होंगे। राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कानपुर और अवध प्रांत के कार्यकर्ताओं को संगठन के विस्तार के साथ ही कार्यपद्धति के सूत्र बताए। इस मौके पर राष्ट्रीय मंत्री रामशंकर सिन्हा और अवधेश कुमार गुप्त, सह कोषाध्यक्ष चिंतामणि सिंह आदि मौजूद रहे।