रियलिटी चेक करें एमडी, सुधारें खामियां : श्रीकान्त शर्मा

रियलिटी चेक करें एमडी, सुधारें खामियां : श्रीकान्त शर्मा

- ऊर्जा मंत्री ने की वितरण कंपनियों की समीक्षा

- मध्यांचल, पूर्वांचल, केस्को, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल एमडी को दिए निर्देश

- बिल वसूली के नाम पर उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं :ऊर्जा मंत्री

- बड़े बकायेदारों के पास पहले जाएं, शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर हो

- जनप्रतिनिधियों को बताएं किये गए काम, ग्राम प्रधान तक को दें कटौती की जानकारी

लखनऊ, 23 जून। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने बुधवार को दक्षिणांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल, पूर्वांचल व केस्को में उपभोक्ता सेवाओं और बिजली आपूर्ति को लेकर समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कंपनियों के एमडी नियमित शिकायतों की समीक्षा करें। 1912 व सोशल मीडिया पर आ रही शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। शिकायतों के निस्तारण का रियलिटी चेक भी करें। जिससे उपभोक्ता सेवाओं को और भी बेहतर किया जा सके।

उन्होंने निर्देश दिया कि बिल वसूली के लिए अभियान जहां भी चल रहा है वहां यह सुनिश्चित हो कि कहीं भी उपभोक्ताओं का उत्पीड़न न हो। उपभोक्ताओं को सूचित करें, पहले बड़े बकायेदारों के पास जाएं। तीन माह तक के बकायेदारों का डोर नॉक करें। डिस्कनेक्शन कोई उपाय नहीं है। किसी भी उपभोक्ता को बेवजह परेशान न किया जाए। जहां भी अभियान चले उसकी निगरानी स्वयं एमडी के स्तर पर होनी चाहिए।

कहा कि सभी ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग हो, उपकेंद्र से बिजली का सभी फीडरों पर सही वितरण सुनिश्चित किया जाए। पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, कमियों को तत्काल ठीक किया जाए। आपूर्ति से संबंधित समस्या में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। सबको बिल समय पर मिले इसका ध्यान रखा जाए। गलत बिलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित हो, एमडी इसकी निगरानी करें।

उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मरों के फुंकने, गड़बड़ी की शिकायतों का निस्तारण समय से न होने पर अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाये। अवैध लोड के कारण ईमानदार उपभोक्ताओं को समस्या उठानी पड़ती है। हमें अपनी भूमिका उपभोक्ता केंद्रित करनी होगी। खामियों को दूर करना होगा।

कहा कि आपूर्ति सुधार से संबंधित जो भी काम विभाग द्वारा कराए गए हैं उनकी जानकारी सभी जनप्रतिनिधियों को अवश्य दी जाए। आपूर्ति में व्यवधान से संबंधित जो भी सूचना है उसकी जानकारी भी उन्हें दी जाए। ग्राम प्रधानों को भी कटौती की जानकारी समय से दें।