कुछ गलत नहीं किया तो ईडी व सीबीआई से क्यों डरते हैं अखिलेश : मनीष शुक्ला

-भाजपा प्रवक्ता ने सपा मुखिया के बयान का दिया करारा जवाब, वहीं प्रियंका को भी घेरा

लखनऊ, 12 अक्टूबर । यदि किसी व्यक्ति ने कुछ गलत नहीं किया है तो आखिर उसे ईडी और सीबीआई से डर क्यों लगेगा ? पूरे प्रदेश के समाजवादी पार्टी से जुड़े के गुंडों को योगी सरकार ने फर्जी काम नहीं करने दिया। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया को बार-बार ईडी और सीबीआई का सपना दिन में भी आता रहता है। वहीं छत्तीसगढ़ व राजस्थान में दलितों की हत्या के बाद भी प्रियंका को वहां अराजकता नहीं दिख रही, लेकिन यूपी में अपराधी जेल भेजे जा रहे हैं तो उन्हें यहां अराजकता दिख रही है। ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने मंगलवार को कही।

वे अखिलेश यादव द्वारा सोमवार को दिये गये बयान अब भाजपा सरकार ईडी, सीबीआई के जरिये फर्जी रिपोर्ट पर जेल भिजवा रही है के जवाब ये बातें कहीं। साथ ही प्रियंका वाड्रा की यूपी की राजनीति में सक्रियता पर उन्हें घेरा। मनीष शुक्ला ने कहा कि यूपी पुलिस की सालाना क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की (2012-2016) सरकार के दौरान अलग-अलग वारदातों में 23674 लोगों की हत्याएं हुईं। वहीं योगी राज में 14992 हत्याएं हुईं है। यहां अपराधियों को बचाने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती। शायद अखिलेश यादव को याद होगा, जब उनके मंत्री ही दुराचार के आरोप में घिरे थे और पूरी समाजवादी पार्टी उन्हें बचाने में जुटी हुई थी। वहीं मथुरा कांड तो उन्हें याद ही होगा। प्रतापगढ़ में सीओ की हत्या भी अखिलेश यादव भूल गये।

उन्होंने विकास के सवाल पर कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया भाजपा के विकास को देखकर दंग हैं। वह इस बात से ज्यादा परेशानी में हैं, कि वे तो खजाना खाली करके चले गये थे लेकिन इसके बावजूद योगी आदित्यनाथ ने इतना विकास कैसे कर दिया। इस कारण हर विकास कार्य को अपना बताने में ही वे लगे रहते हैं। मनीष शुक्ला ने सवाल किया कि जब उन्हीं का सब था तो आखिर उन्होंने अपने कार्यकाल में उसे कराया क्यों नहीं।

मनीष शुक्ला ने हिन्दुस्थान समाचार से विशेष वार्ता में कहा कि कांग्रेस महासचिव चाहे जितना जोर लगा लें, यूपी में अंतिम सांस गिन रही कांग्रेस की सीटें इकाई में ही रहनी है। वे यदि राजस्थान व छत्तीसगढ़ की अराजकता पर ध्यान देती तो शायद जनता को कुछ राहत मिल जाती। यदि वे आमजन का कल्याण चाहती हैं तो राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुई दलित समुदाय की हत्या पर क्यों नहीं बोलतीं। क्या उसमें उन्हें अराजकता नहीं दिख रही।