शबाना आजमी और राज बब्बर ने स्मिता पाटिल को उनकी जयंती पर किया याद

शबाना आजमी और राज बब्बर ने स्मिता पाटिल को उनकी जयंती पर किया याद

अभिनेता और राजनेता राज बब्बर ने शुक्रवार को अपनी दिवंगत पत्नी स्मिता पाटिल को उनकी जयंती पर याद किया है। अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी स्मिता पाटिल को याद किया। शबाना आजमी और स्मिता पाटिल ने कई फिल्मों में साथ काम किया था। अर्थ और मंडी जैसी फिल्मों में दोनों अभिनेत्रियों ने अपने शानदार अभिनय का परिचय दिया था। दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने ट्विटर पर स्मिता की तस्वीर शेयर कर लिखा-स्मिता पाटिल को उनकी जयंती पर याद करते हुए। वह 34 साल पहले चली गई, लेकिन सिनेप्रेमियों के दिलों में मजबूती से बसी है।

स्मिता पाटिल को उनके सशक्त व दमदार अभिनय के लिए आज भी याद किया जाता है। स्मिता पाटिल का 31 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। स्मिता पाटिल की जयंती पर उनके पति अभिनेता राज बब्बर ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। राज बब्बर ने ट्विटर पर स्मिता पाटिल की तस्वीर शेयर कर लिखा-अतुलनीय प्रतिभा की एक कलाकार, ऐसी भावुक आत्मा वाली शख्स-स्मिता को आज उसके जन्मदिन पर याद करते हुए। आपकी इतनी छोटी यात्रा थी और फिर भी आपकी लुभावनी उपस्थिति उन सभी को महसूस होती है जिनके जीवन को आपने छुआ है। आपका प्रभाव इतना सार्थक रहा है। स्मिता पाटिल।

स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर 1955 में हुआ था। स्मिता पाटिल अपने गंभीर अभिनय के लिए जानी जाती हैं, लेकिन असल जिंदगी में बहुत शरारती थी। उनके पिता एक पॉलिटीशियन थे और उनकी माता एक समाजसेविका थी। स्मिता फिल्मों में आने से पहले दूरदर्शन पर न्यूजरीडर थी। स्मिता पाटिल की पहली फिल्म मेरे साथ चल 1974 में आई थी। उसके बाद स्मिता पाटिल कई फिल्मों में नजर आई जिसमें निशांत, मंथन, भूमिका, द नेक्सेलाइट्स, एलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है, चक्र, नमक हलाल, बाजार, शक्ति, अर्थ, अर्ध सत्या, मंडी, शराबी, अनोखा रिश्ता, मिर्च मसाला और वारिस आदि शामिल हैं।

स्मिता पाटिल की शादी राज बब्बर के साथ हुई थी। उनके बेटे प्रतीक का जन्म 28 नवंबर 1986 को हुआ था। बेटे प्रतीक के जन्म के बाद वह बीमार थी। स्मिता पाटिल का 13 दिसंबर, 1986 को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी कई फिल्में रिलीज हुई थी। राज बब्बर ने स्मिता से शादी करने से पहले पहली पत्नी नादिरा को छोड़ दिया था। स्मिता पाटिल को उनके छोटे करियर में तीन नेशनल अवार्ड और 2 फिल्मफेयर अवार्ड मिले थे। भारत सरकार की ओर से उन्हें 1985 में पद्मश्री से भी नवाजा गया था।