नई दिल्ली, 07 अप्रैल । असम, केरल और पुदुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। इसके साथ ही चुनाव आयोग के निर्देशानुसार साइलेंस पीरियड लागू हो गया है। इन तीनों क्षेत्रों की कुल 296 सीटों (असम-126, केरल-140, पुदुचेरी-30) पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा, जबकि मतों की गिनती 4 मई को होगी।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1)(बी) के तहत मतदान से 48 घंटे पहले साइलेंस पीरियड प्रभावी हो जाता है। इस अवधि में किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार, टीवी-रेडियो प्रसारण, रैलियों या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है।
असम विस चुनाव
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन वापसी के अंतिम दिन 67 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। इनमें केवल 59 महिला उम्मीदवार हैं, जो कुल का लगभग 8 प्रतिशत है, जबकि महिला मतदाताओं की भागीदारी करीब 50 प्रतिशत है।
राज्य में कुल 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 5.75 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
केरल विस चुनाव
केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला त्रिकोणीय है, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा तीव्र हो गई है। सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत आवश्यक है।
राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी मताधिकार के पात्र हैं।
पुदुचेरी विस चुनाव
पुदुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव हो रहा है, जिनमें 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत जरूरी है।
यहां कुल 9.44 लाख मतदाता हैं, जिनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 1,099 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 610 शहरी और 489 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।
तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल में भी चुनावी गतिविधियां
इस बीच तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है और उम्मीदवार 9 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकते हैं।
तमिलनाडु की 234 सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण की 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जो आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे