जनता के पक्ष और दोषियों के खिलाफ ईमानदारी से कार्य करे पुलिस: मुख्यमंत्री

गोलाघाट (असम), 6 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों का आह्वान किया कि वे सुनिश्चित करें कि आम लोगों को पुलिस के उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। उन्होंने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे हमेशा ईमानदारी और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। असम पुलिस की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में असम पुलिस की स्थिति बहुत ऊपर उठी है।

मुख्यमंत्री यहां गोलाघाट जिलांतर्गत देरगांव के लाचित बोरफूकन पुलिस अकादमी में 178वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। नौ माह के कठोर प्रशिक्षण बाद 1715 नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबल पूर्ण पुलिसकर्मी बन गए हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों का आह्वान किया कि वे आम जनता के पक्ष में और दोषियों के खिलाफ सख्त होने के लिए हमेशा समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर पुलिस कांस्टेबलों ने कई शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत किये। मुख्यमंत्री ने कई पुलिस कांस्टेबलों को पुरस्कृत भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के साथ पुलिस की दूरी लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके कारण जिस गांव से आया व्यक्ति पुलिसकर्मी बन जाता है और वह धीरे-धीरे गांव की संस्कृति से दूर हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिक्शा चालकों पर लाठीचार्ज, निर्दोष लोगों पर पुलिस अत्याचार अतीत की बात होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के वित्त मंत्री अजंता नेउग, कृषि मंत्री अतुल बोरा, स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत, पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह और मुख्य सचिव पवन बोरठाकुर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 मई को लगभग छह हजार पांच सौ पुलिसकर्मियों को नियुक्ति दी जाएगी। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को बधाई दी।